भारतीय सेना की ताकत और आधुनिक युद्ध क्षमता बढ़ाने के लिए रक्षा मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय ने करीब ₹1,577 करोड़ के दो रक्षा अनुबंध किए हैं। ये समझौते टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और NIBE प्राइवेट लिमिटेड के साथ किए गए हैं। इनके तहत सेना के लिए लॉइटर म्यूनिशन सिस्टम, लॉइटर म्यूनिशन और उनसे जुड़े जरूरी उपकरण खरीदे जाएंगे। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह खरीद सेना की ऑपरेशनल क्षमता को मजबूत करने के साथ आधुनिक तकनीक को तेजी से शामिल करने की दिशा में अहम कदम है।
भारतीय कंपनियों को ऑर्डर
इस सौदे की खास बात यह है कि इसे ‘बाय इंडियन’ कैटेगरी के तहत फास्ट ट्रैक प्रक्रिया से पूरा किया गया है। यानी जरूरी सैन्य उपकरणों की खरीद में तेजी के साथ घरेलू कंपनियों को प्राथमिकता दी गई है। दोनों कंपनियों के साथ समझौता 13 अगस्त को हुआ और इसकी औपचारिक जानकारी रक्षा मंत्रालय ने 14 अगस्त को साझा की। इससे देश के रक्षा उत्पादन क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मंडराकर तलाशेंगे लक्ष्य
लॉइटर म्यूनिशन ऐसे बिना पायलट वाले हथियार होते हैं जो किसी इलाके के ऊपर कुछ समय तक मंडरा सकते हैं। इस दौरान वे संभावित लक्ष्य की पहचान और निगरानी कर सकते हैं। सही लक्ष्य मिलने के बाद सिस्टम उसी दिशा में हमला करता है। इसी वजह से इन्हें आम तौर पर कामिकाजे या सुसाइड ड्रोन भी कहा जाता है। इनमें निगरानी और हमला करने की क्षमता एक ही सिस्टम में मौजूद होती है, जिससे लक्ष्य का पता लगाने और उस पर कार्रवाई के बीच का समय कम किया जा सकता है।
आर्टिलरी को मिलेगा फायदा
नई खरीद से भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट्स की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। ऐसे सिस्टम उन लक्ष्यों के खिलाफ उपयोगी हो सकते हैं जिन्हें पारंपरिक हथियारों से तुरंत और सटीक तरीके से निशाना बनाना मुश्किल होता है। पहाड़ी या चुनौतीपूर्ण इलाकों में भी इनकी निगरानी और सटीक स्ट्राइक क्षमता सेना के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। इससे सेना को आधुनिक ड्रोन आधारित युद्ध तकनीक के इस्तेमाल में अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे।
आत्मनिर्भरता को बढ़ावा
₹1,577 करोड़ का यह सौदा सिर्फ सैन्य क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं है। भारतीय कंपनियों से आधुनिक रक्षा प्रणालियां खरीदने से देश के घरेलू डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को भी मजबूती मिलेगी। सरकार लगातार रक्षा उपकरणों के घरेलू उत्पादन और विदेशी निर्भरता कम करने पर जोर दे रही है। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और NIBE को मिला यह बड़ा ऑर्डर इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
