Acharya Kailashanand Giri Message: पीएम मोदी के समर्थन में बोले आचार्य कैलाशानन्द गिरि, मर्यादित भाषा की अपील

निरंजनी अखाड़ा के आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी कैलाशानन्द गिरि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश का समर्थन करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों, शालीन संवाद और मर्यादित भाषा पर जोर दिया तथा युवाओं से संयम बरतने की अपील की।

Acharya Kailashanand Giri on PM Modi Message

Acharya Kailashanand Giri Message: भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा युवाओं के लिए दिए गए संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए निरंजनी अखाड़ा के पूज्य आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी कैलाशानन्द गिरि जी महाराज ने लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक अधिकारों और शालीन संवाद की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार देता है।

लोकतंत्र का सम्मान

आचार्य कैलाशानन्द गिरि ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का मतभेद स्वाभाविक है, लेकिन असहमति व्यक्त करते समय भाषा की गरिमा और मर्यादा बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संवाद हमेशा शालीन और सम्मानजनक होना चाहिए।

अभद्र भाषा पर आपत्ति

उन्होंने कहा कि किसी भी संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति, विशेषकर प्रधानमंत्री या उनके परिवार के प्रति सार्वजनिक मंचों पर अपमानजनक और अशोभनीय भाषा का प्रयोग भारतीय संस्कृति, लोकतांत्रिक परंपराओं और सनातन मूल्यों के अनुरूप नहीं है। ऐसे व्यवहार से लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ठेस पहुंचती है।

युवाओं से विशेष अपील

आचार्य ने देश के युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग पूरी जिम्मेदारी, संयम और शालीनता के साथ करें। उन्होंने कहा कि विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन उसकी अभिव्यक्ति मर्यादित और संवैधानिक दायरे में होनी चाहिए।

मर्यादा बनाए रखने का आग्रह

उन्होंने अमर्यादित और व्यक्तिगत टिप्पणियों की स्पष्ट शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती आपसी सम्मान, संवैधानिक मूल्यों और सभ्य संवाद से ही संभव है। सभी नागरिकों को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने अधिकारों और कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।

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