राजस्थान के Beawar जिले के जवाजा क्षेत्र के लगैतखेड़ा गांव से आई एक दुखद खबर ने पूरे इलाके को गम में डुबो दिया है। गांव के 24 वर्षीय अग्निवीर जवान Yuvraj Singh जम्मू-कश्मीर के Akhnoor सेक्टर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए। जैसे ही यह खबर गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
जिस घर में कभी हंसी-खुशी का माहौल रहता था, वहां अब सन्नाटा पसरा है। परिवार के लोग गहरे सदमे में हैं और गांव के लोग यही कह रहे हैं कि इतनी कम उम्र में युवराज का जाना पूरे गांव के लिए अपूरणीय क्षति है।
अग्निवीर योजना के तहत हुए थे भर्ती
Yuvraj Singh अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। परिवार के लिए यह गर्व की बात थी कि वह देश सेवा कर रहे थे। खास बात यह थी कि महज तीन महीने बाद उनकी सेवा स्थायी होने वाली थी। घर में इसे लेकर खुशी का माहौल था और परिवार भविष्य की योजनाएं बना रहा था।
अखनूर में आतंकियों से मुठभेड़
जानकारी के अनुसार, Akhnoor क्षेत्र में आतंकियों के साथ मुठभेड़ के दौरान युवराज सिंह ने बहादुरी से मुकाबला किया। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने पीछे हटने के बजाय डटकर सामना किया। इसी दौरान वह वीरगति को प्राप्त हो गए। सेना के साथियों के बीच भी उनकी बहादुरी की चर्चा हो रही है।
नेशनल लेवल कबड्डी खिलाड़ी भी थे
गांव के लोगों के मुताबिक, युवराज सिंह सिर्फ एक सैनिक ही नहीं बल्कि एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी थे। वह राष्ट्रीय स्तर के कबड्डी खिलाड़ी रह चुके थे और खेल के मैदान में भी अपनी ताकत और प्रदर्शन के लिए पहचाने जाते थे।
15 दिन बाद आने वाले थे घर
परिवार वालों के मुताबिक, युवराज 15 दिन बाद छुट्टी पर घर आने वाले थे। घर में उनकी शादी की चर्चाएं भी शुरू हो चुकी थीं। परिवार उनके स्वागत की तैयारी कर रहा था, लेकिन अब उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर गांव पहुंचेगा।
गांव में हर कोई उनके बचपन, खेल और देशभक्ति की कहानियां याद कर रहा है। माता-पिता के लिए यह क्षति असहनीय है, लेकिन बेटे की शहादत पर गर्व भी उतना ही बड़ा है।
