AI in Banking Sector: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI ने हमारी जिंदगी को काफी हद तक आसान बना दिया है। ऑनलाइन काम, ऑटोमेशन और तेज फैसलों में AI की भूमिका लगातार बढ़ रही है। लेकिन इसी के साथ एक चिंता भी सामने आ रही है, और वह है नौकरियों पर मंडराता खतरा। अब तक टेक सेक्टर में असर दिखाने वाला AI धीरे-धीरे बैंकिंग सेक्टर में भी बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में है।
हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसने बैंकिंग सेक्टर में काम करने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, अगर आने वाले चार से पांच सालों में AI का इस्तेमाल इसी रफ्तार से बढ़ता रहा, दो लाख से ज्यादा बैंकिंग नौकरियां खत्म हो सकती हैं। यह आंकड़ा बताता है कि बैंकिंग इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है।
डिजिटल बैंकिंग और ऑटोमेशन बनी बड़ी वजह
बैंकिंग सेक्टर में डिजिटल बैंकिंग, ऑटोमेशन और शाखाओं की संख्या में लगातार कमी इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है। आज ज्यादातर काम मोबाइल ऐप, इंटरनेट बैंकिंग और ऑटोमेटेड सिस्टम से हो रहे हैं। इससे बैंकों को कर्मचारियों पर होने वाला खर्च कम करने का मौका मिल रहा है।
मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषण के मुताबिक, यूरोप के करीब 35 बड़े बैंक अगले पांच सालों में अपने कुल कर्मचारियों में लगभग 10 प्रतिशत तक कटौती कर सकते हैं। इससे साफ है कि आने वाले समय में बैंकिंग सेक्टर में छंटनी की एक बड़ी लहर देखने को मिल सकती है।
इन विभागों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
रिपोर्ट में बताया गया है कि बैंकों में इस समय करीब 21 लाख लोग काम कर रहे हैं। इनमें से लगभग 2.12 लाख पद ऐसे हैं, जिन पर सबसे ज्यादा खतरा है। सबसे ज्यादा असर इन विभागों में देखने को मिल सकता है।
पहला, बैक-ऑफिस ऑपरेशंस, जहां डेटा एंट्री और प्रोसेसिंग जैसे काम होते हैं।
दूसरा, रिस्क मैनेजमेंट, जिसमें जोखिमों का आकलन किया जाता है।
तीसरा, कंप्लायंस विभाग, जहां नियमों और प्रक्रियाओं की निगरानी होती है।
ये सभी काम डेटा पर आधारित और बार-बार दोहराए जाने वाले होते हैं। AI सिस्टम इन्हें इंसानों के मुकाबले ज्यादा तेजी और सटीक तरीके से कर सकता है, इसी वजह से इन पदों पर खतरा सबसे ज्यादा है।
बड़े बैंकों ने पहले ही शुरू की तैयारी
कई बड़े बैंक पहले से ही इस बदलाव के लिए तैयारियां कर रहे हैं। डच बैंक ABN Amro ने साल 2028 तक अपने करीब 20 प्रतिशत कर्मचारियों को कम करने की योजना बनाई है। फ्रांस का बड़ा बैंक Societe Generale लागत घटाने के लिए हर विभाग की समीक्षा कर रहा है।वहीं, अमेरिका का दिग्गज बैंक Goldman Sachs भी AI के असर को देखते हुए नई भर्तियों पर रोक और संभावित छंटनी के संकेत दे चुका है। OneGS 3.0 रणनीति के तहत बैंक अपने कामकाज को ज्यादा डिजिटल और ऑटोमेटेड बनाने पर जोर दे रहा है।
दुनियाभर में दिखेगा असर
जानकारों का मानना है कि AI का असर सिर्फ बैंकिंग तक सीमित नहीं रहेगा। ऑडिट, कानून और कंसल्टिंग जैसे क्षेत्रों में भी बदलाव साफ दिखने लगे हैं। बैंकों के लिए अब AI कोई विकल्प नहीं, बल्कि प्रतिस्पर्धा में टिके रहने की जरूरत बन चुका है। आने वाले समय में इसका असर दुनिया भर के देशों में देखने को मिल सकता है।



