Andhra Pradesh : आंध्र प्रदेश की नई राजधानी को लेकर वर्षों से चल रहा असमंजस अब खत्म हो गया है। केंद्र सरकार ने अमरावती को राज्य की आधिकारिक और स्थायी राजधानी घोषित कर दिया है। इसके लिए 6 अप्रैल 2026 को गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया। राष्ट्रपति Droupadi Murmu की मंजूरी के बाद Amaravati को औपचारिक रूप से राजधानी का दर्जा मिल गया।
संसद से पास हुआ संशोधन कानून
कानून मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, Andhra Pradesh पुनर्गठन (संशोधन) अधिनियम 2026 को लागू माना गया है। यह संशोधन 2014 के पुनर्गठन अधिनियम में बदलाव करते हुए अमरावती को स्थायी राजधानी के रूप में मान्यता देता है। इस फैसले से राजधानी को लेकर लंबे समय से जारी राजनीतिक अनिश्चितता समाप्त हो गई है।इससे पहले 2 अप्रैल को Parliament of India ने इस विधेयक को अंतिम मंजूरी दी थी। राज्यसभा में इसे वॉइस वोट से पारित किया गया, जबकि लोकसभा ने एक दिन पहले ही इसे स्वीकृति दे दी थी।
तीन राजधानी मॉडल पर लगी रोक
इस नए कानून के लागू होने के बाद राज्य में प्रस्तावित तीन-राजधानी मॉडल की चर्चा पर पूरी तरह विराम लग गया है। अब भविष्य में राजधानी बदलने या बहु-राजधानी व्यवस्था लागू करने की संभावना लगभग समाप्त हो गई है। इससे प्रशासनिक स्थिरता आने की उम्मीद जताई जा रही है।
संसद में मिला व्यापक समर्थन
संसद में इस बिल पर कुल 35 सांसदों ने चर्चा की। अधिकांश सांसदों ने इसका समर्थन किया। हालांकि YSR Congress Party के दो सांसदों ने किसानों के हितों का मुद्दा उठाते हुए इसका विरोध किया। उनका कहना था कि राजधानी परियोजना के लिए जमीन देने वाले किसानों की अपेक्षाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
2015 में रखी गई थी राजधानी की नींव
अमरावती को राजधानी बनाने की योजना की शुरुआत 2015 में Telugu Desam Party सरकार के दौरान हुई थी। लेकिन 2019 में सत्ता परिवर्तन के बाद राजधानी परियोजना की गति धीमी पड़ गई और तीन-राजधानी मॉडल का प्रस्ताव सामने आया।हालांकि 2024 में National Democratic Alliance के सत्ता में लौटने के बाद अमरावती को एकमात्र राजधानी बनाने का फैसला फिर से लागू किया गया और रुकी हुई परियोजनाओं को दोबारा शुरू किया गया। अब गजट नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही अमरावती को आधिकारिक रूप से स्थायी राजधानी का दर्जा मिल गया है।
