अमरनाथ यात्रा फिर हुई शुरू: छह दिन बाद श्रद्धालुओं का नया जत्था रवाना, मौसम सुधरने पर प्रशासन ने दी राहत

लगातार छह दिनों तक खराब मौसम के कारण रुकी अमरनाथ यात्रा शनिवार को फिर शुरू हो गई। मौसम साफ होने और राष्ट्रीय राजमार्ग खुलने के बाद 6,269 श्रद्धालुओं का नया जत्था कड़ी सुरक्षा के बीच बालटाल मार्ग के लिए रवाना हुआ।

Amarnath Yatra Resumes 2026

Amarnath Yatra 2026:लगातार बारिश, भूस्खलन और खराब मौसम के कारण पिछले छह दिनों से स्थगित अमरनाथ यात्रा शनिवार को आधिकारिक रूप से बहाल कर दी गई। मौसम में सुधार और उधमपुर-रामबन मार्ग पर जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के दोबारा खुलने के बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए यात्रा शुरू करने का फैसला लिया। भगवती नगर बेस कैंप से सुबह तड़के श्रद्धालुओं के नए जत्थे को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना किया गया।

प्रशासन के इस फैसले से हजारों श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली, जो कई दिनों से यात्रा दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन ने मौसम की स्थिति का लगातार आकलन करने के बाद ही यात्रा को हरी झंडी दी।

6,269 श्रद्धालुओं का 18वां जत्था रवाना

अधिकारियों के अनुसार शनिवार को रवाना हुए 18वें जत्थे में कुल 6,269 श्रद्धालु शामिल हैं। इनमें 1,470 महिलाएं, 25 बच्चे और 54 साधु भी शामिल हैं। श्रद्धालुओं का यह जत्था तड़के करीब 2:40 बजे 223 वाहनों के काफिले के साथ भगवती नगर बेस कैंप से बालटाल के लिए रवाना हुआ।

फिलहाल प्रशासन ने केवल 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से यात्रा की अनुमति दी है। 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक पहलगाम मार्ग पर अभी यात्रा शुरू नहीं की गई है, क्योंकि वहां मौसम और ट्रैक की स्थिति का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।

खराब मौसम के कारण रोकी गई थी यात्रा

19 जुलाई को जम्मू-कश्मीर में लगातार भारी बारिश के कारण अमरनाथ यात्रा को एहतियात के तौर पर रोक दिया गया था। बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर भूस्खलन, चट्टानें गिरने और रास्तों के क्षतिग्रस्त होने से यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया था।

इसके साथ ही उधमपुर-रामबन क्षेत्र में कई स्थानों पर भूस्खलन होने से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग भी तीन दिनों तक बंद रहा। शनिवार को हाईवे से मलबा हटाकर यातायात सामान्य होने के बाद प्रशासन ने यात्रा दोबारा शुरू करने का फैसला लिया।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी यात्रा

प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। जम्मू से कश्मीर तक पूरे मार्ग पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। सभी श्रद्धालुओं को एस्कॉर्ट कॉन्वॉय के साथ सुरक्षित तरीके से बालटाल बेस कैंप तक पहुंचाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और परिस्थितियों के अनुसार आगे के निर्णय लिए जाएंगे।

 करीब चार लाख श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन

अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ 2 जुलाई 2026 को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा भगवती नगर बेस कैंप से पहले जत्थे को रवाना करने के साथ हुआ था। इसके बाद 3 जुलाई से घाटी में औपचारिक यात्रा शुरू हुई।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक करीब चार लाख श्रद्धालु 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में हिम शिवलिंग के दर्शन कर चुके हैं। इनमें लगभग 1.20 लाख श्रद्धालुओं ने अपनी यात्रा जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से शुरू की है। 52 दिनों तक चलने वाली यह पवित्र यात्रा रक्षाबंधन के अवसर पर 28 अगस्त 2026 को संपन्न होगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी अवश्य लें और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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