Entry Rules: क्या गैर हिंदू चारधाम नहीं जा सकेंगे, मंदिर समिति का बड़ा फैसला, पवित्रता को बनाए रखने को किसकी इंट्री हुई बंद

बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने परंपराओं की रक्षा के लिए केवल हिंदू श्रद्धालुओं के प्रवेश का फैसला लिया है। कपाट खुलने की तारीखें भी घोषित कर दी गई हैं, जिससे चार धाम यात्रा 2026 की तैयारी तेज हो गई है।

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Badrinath Kedarnath Temples:बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने मंदिरों की धार्मिक परंपराओं और पवित्रता को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। समिति का कहना है कि यह फैसला किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि सदियों से चली आ रही धार्मिक मर्यादाओं को बनाए रखने के लिए जरूरी है।

समिति ने साफ किया है कि यह नियम सभी संबंधित मंदिरों पर एक समान रूप से लागू किया जाएगा। बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए बताया कि आने वाले समय में केवल हिंदू श्रद्धालुओं को ही इन मंदिरों में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में एक प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा और वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसे औपचारिक रूप से लागू कर दिया जाएगा।

क्यों लिया गया यह फैसला

बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के सबसे पुराने और पवित्र धार्मिक स्थलों में शामिल हैं। ये दोनों मंदिर चार धाम यात्रा का अहम हिस्सा माने जाते हैं। हर साल देश और विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

मंदिर समिति का मानना है कि बढ़ती भीड़ और बदलते सामाजिक माहौल के बीच मंदिरों की परंपराओं और धार्मिक नियमों की रक्षा करना बेहद जरूरी हो गया है। समिति का कहना है कि यह फैसला आस्था और विश्वास से जुड़ा हुआ है, ताकि मंदिरों की मूल धार्मिक पहचान बनी रहे।

बद्रीनाथ धाम के कपाट कब खुलेंगे

इसी बीच श्रद्धालुओं के लिए एक अच्छी खबर भी सामने आई है। बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तारीख की घोषणा कर दी गई है। छह महीने के शीतकालीन अवकाश के बाद बद्रीनाथ मंदिर के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे।

मंदिर अधिकारियों के अनुसार कपाट खोलने की शुभ तिथि और समय का निर्धारण टिहरी जिले के नरेंद्र नगर स्थित राजमहल में पारंपरिक पूजा-पाठ और विधि-विधान के बाद किया गया। हर साल इसी परंपरा के अनुसार यह निर्णय लिया जाता है।

चार धाम यात्रा 2026 की शुरुआत कब होगी

केदारनाथ धाम के साथ-साथ उत्तराखंड की छोटी चार धाम यात्रा में शामिल गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट भी खुलने जा रहे हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर, यानी 19 अप्रैल को खोले जाएंगे।

इन मंदिरों के कपाट खुलते ही उत्तराखंड में चार धाम यात्रा 2026 की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। हर साल इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं और इसे हिंदू धर्म में बेहद पवित्र माना जाता है।

फैसले को लेकर चल रही चर्चाएं

मंदिर समिति के इस निर्णय के बाद धार्मिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ लोग इसे आस्था और परंपरा से जुड़ा सही कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे संवैधानिक मूल्यों के नजरिये से देख रहे हैं।

हालांकि मंदिर समिति ने साफ कहा है कि यह फैसला किसी के खिलाफ नहीं है। इसका मकसद केवल मंदिरों की धार्मिक मर्यादा, परंपरा और पवित्रता को बनाए रखना है। अब सभी की नजरें आगामी बोर्ड बैठक पर टिकी हैं, जहां इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

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