बेंगलुरु भगदड़ पर कर्नाटक हाईकोर्ट सख्त, मामले में कर्नाटक सरकार को नोटिस जारी

कर्नाटक हाई कोर्ट ने गुरुवार को बेंगलुरु भगदड़ मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया।

Bengaluru Stampede

Bengaluru Stampede: कर्नाटक हाई कोर्ट ने गुरुवार को बेंगलुरु भगदड़ मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास RCB की जीत के जश्न के दौरान हुई भगदड़ में 11 लोगों की मौत और 33 अन्य के घायल होने की घटना के बाद यह कार्रवाई की गई।

कोर्ट ने सरकार से एंबुलेंस और पुलिस की तैनाती के संबंध में स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को निर्धारित की गई है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी की कि इस हादसे (Bengaluru Stampede) के कारणों और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कई सुझाव प्राप्त हुए हैं जिन पर विचार किया जाएगा।

मामले पर कोर्ट ने क्या कुछ कहा? 

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में स्टेडियम के पास अपर्याप्त व्यवस्थाओं और सभी गेट न खोले जाने का मुद्दा उठाया। कोर्ट ने कर्नाटक सरकार से पूछा कि ऐसी घटनाओं से निपटने और राहत-बचाव कार्यों के लिए क्या कोई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) मौजूद है। राज्य सरकार के महाधिवक्ता ने माना कि घटना के समय पर्याप्त संख्या में एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थीं।

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सीएम ने किया मुआवजे का ऐलान

हाल ही में मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने मुआवजे की घोषणा करते हुए कहा कि चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास हुई भगदड़ एक दुखद घटना थी जिसे टाला जा सकता था। उन्होंने बताया कि इस हादसे में 11 लोगों की जान चली गई और 33 अन्य घायल हुए। सिद्दारमैया ने कहा कि इस त्रासदी ने RCB की जीत की खुशी को फीका कर दिया। उन्होंने उल्लेख किया कि मृतकों में ज्यादातर युवा थे। सरकार ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये की मुआवजा राशि देने का ऐलान किया है।

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