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Cab Booking Rules: सरकार का सख्त निर्देश, अब से कन्फर्म बुकिंग के लिए एक्स्ट्रा पैसे नहीं मांग सकेंगी कैब कंपनियां

Booking Extra Charges: कैब बुक करने वाले यात्रियों के लिए सरकार ने अहम निर्देश जारी किया है। अब राइड-हेलिंग कंपनियां बुकिंग कन्फर्म करने के नाम पर यात्रियों से किसी तरह का अतिरिक्त पैसा लेने के लिए उन्हें प्रेरित नहीं कर सकेंगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 12 अगस्त 2026 को मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025 के पालन को लेकर कंपनियों को निर्देश दिए हैं।

टिप का ऑप्शन हटेगा

सरकार ने खास तौर पर उन विकल्पों पर आपत्ति जताई है, जिनमें कैब बुक करते समय यात्री को ड्राइवर के लिए पहले ही टिप देने का विकल्प दिखाया जाता है। मंत्रालय ने एग्रीगेटर्स से कहा है कि राइड स्वीकार होने से पहले या यात्रा के दौरान दिखने वाले टिपिंग प्रॉम्प्ट तुरंत हटाए जाएं। यानी यात्री को राइड मिलने के लिए पहले से टिप देने के लिए प्रेरित नहीं किया जा सकेगा।

ऐड-ऑन पर भी नजर

कैब ऐप्स में कई बार बुकिंग के दौरान अतिरिक्त सुविधाओं या ऐड-ऑन के विकल्प दिखाई देते हैं। इनमें कुछ विकल्प यात्री की जरूरत के हो सकते हैं, लेकिन समस्या तब होती है जब इन्हें इस तरह पेश किया जाए कि ग्राहक को लगे कि बिना अतिरिक्त भुगतान के बुकिंग पूरी नहीं होगी। सरकार का जोर इस बात पर है कि ग्राहक को मूल सेवा और उसकी कीमत साफ तौर पर दिखाई जाए तथा किसी अतिरिक्त भुगतान के लिए दबाव न बनाया जाए। उपभोक्ता संरक्षण के नियमों में भी ऐसे डिजाइन को लेकर प्रावधान हैं, जिनमें अतिरिक्त सेवा खरीदने के लिए ग्राहक पर दबाव डालना अनुचित माना गया है।

जल्दी बुकिंग का मैसेज

कैब बुक करते समय कई यूजर्स को ऐसे संदेश भी दिखाई देते हैं, जिनमें जल्दी फैसला लेने या अतिरिक्त विकल्प चुनने के लिए प्रेरित किया जाता है। ऐसे इंटरफेस को लेकर लंबे समय से उपभोक्ता शिकायतें सामने आती रही हैं। नवंबर 2025 में LocalCircles के सर्वे में 59% ऐप-आधारित टैक्सी यूजर्स ने छिपे हुए शुल्क का अनुभव होने की बात कही थी। सर्वे में टिप के लिए बार-बार प्रेरित किए जाने और जरूरी विकल्पों को कम स्पष्ट तरीके से दिखाने जैसी समस्याओं का भी जिक्र था।

यात्रियों को क्या फायदा

सरकार के इस कदम का सीधा फायदा कैब यात्रियों को मिलने की उम्मीद है। बुकिंग के समय ग्राहक को यह स्पष्ट रहना चाहिए कि वह किस सेवा के लिए कितना भुगतान कर रहा है। टिप ड्राइवर को देने का फैसला भी यात्री की इच्छा पर निर्भर होना चाहिए, न कि बुकिंग के दौरान दिखाई जाने वाली स्क्रीन या संदेश के दबाव पर। नए निर्देशों के बाद कंपनियों को अपने ऐप के डिजाइन और भुगतान प्रक्रिया की समीक्षा करनी होगी।

कंपनियों पर जिम्मेदारी

मंत्रालय का निर्देश ऐसे समय आया है जब ऐप आधारित कैब सेवाओं में पारदर्शिता और उपभोक्ता अधिकारों को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं। सरकार ने साफ किया है कि एग्रीगेटर्स को मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025 के अनुरूप काम करना होगा। इसका मतलब है कि कैब कंपनियों को बुकिंग प्रक्रिया ऐसी रखनी होगी जिसमें ग्राहक को अनावश्यक भुगतान के लिए प्रेरित न किया जाए और जरूरी जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध हो।

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