Drone Monitoring Stubble Burning: धान कटाई के मौसम में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने निगरानी व्यवस्था को और सख्त बनाने का फैसला किया है। आयोग ने उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान सरकारों को हाईटेक कैमरों से लैस ड्रोन के जरिए खेतों की निगरानी करने की विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
सेटेलाइट के साथ अब ड्रोन से भी होगी निगरानी
अब तक पराली जलाने की घटनाओं पर मुख्य रूप से सेटेलाइट इमेज के जरिए नजर रखी जाती थी। हालांकि, हाल के वर्षों में यह पाया गया कि कुछ स्थानों पर सेटेलाइट की निगरानी से बचने के लिए दोपहर से रात के बीच पराली जलाई जाती थी, जिससे समय पर कार्रवाई करना मुश्किल हो जाता था। इसी चुनौती को देखते हुए आयोग ने ड्रोन आधारित निगरानी को और मजबूत करने का निर्णय लिया है।
हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे और लाइव फीड होगी अनिवार्य
CAQM ने निर्देश दिया है कि ड्रोन में हाई-रिजॉल्यूशन RGB कैमरे, ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS), जियोफेंसिंग, रिटर्न-टू-होम सुविधा और फ्लाइट डेटा लॉगिंग जैसी आधुनिक तकनीकें मौजूद हों। ये ड्रोन धुएं के गुबार, आग लगने की सटीक जगह, जले हुए क्षेत्रों और आसपास के खेतों की जियो-टैग्ड तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करेंगे। इनकी लाइव फीड सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी, जिससे रियल-टाइम निगरानी और त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।
ISRO की मदद से बनेगी प्रभावी निगरानी व्यवस्था
आयोग ने ISRO के सहयोग से ड्रोन संचालन को और प्रभावी बनाने की योजना बनाई है। राज्यों को ड्रोन उड़ानों की संख्या तय करने, हॉटस्पॉट की पहचान करने और प्रभावित खेतों का राजस्व रिकॉर्ड से मिलान करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पराली जलाने की घटनाओं की सटीक पहचान कर संबंधित खेत मालिक तक सीधे नोटिस भेजा जा सकेगा।
तीन महीने तक सुरक्षित रहेगा निगरानी डेटा
CAQM ने कहा है कि ड्रोन से रिकॉर्ड किए गए सभी वीडियो संबंधित राज्य सरकारों के केंद्रीय डेटाबेस में कटाई का मौसम समाप्त होने के बाद कम से कम तीन महीने तक सुरक्षित रखे जाएंगे। साथ ही ड्रोन निगरानी के विश्लेषण, रिपोर्टिंग और समीक्षा के लिए केंद्रीकृत डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा। आयोग के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (I3C) को सभी लाइव फीड और रिकॉर्डेड वीडियो की पहुंच उपलब्ध होगी, ताकि विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
