Census 2027: साल 2027 में होने वाली जनगणना को लेकर जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने कई अहम जानकारियां दी हैं। उन्होंने बताया कि इस बार जनगणना चार अलग-अलग चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में लोगों को अपनी जानकारी खुद भरनी होगी। यानी नागरिक ऑनलाइन या दिए गए फॉर्म में अपना डेटा खुद दर्ज करेंगे। इस प्रक्रिया को सेल्फ एन्यूमरेशन कहा जाता है। इसका मकसद लोगों को अपनी जानकारी सही तरीके से खुद देने का मौका देना है।
घर-घर जाकर होगी जांच
दूसरे चरण में सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों द्वारा भरी गई जानकारी की जांच करेंगे। इसका मतलब है कि जो भी डेटा लोगों ने खुद भरा है, उसे सत्यापित किया जाएगा। इससे गलत जानकारी को ठीक करने में मदद मिलेगी और रिकॉर्ड ज्यादा सटीक बन पाएगा।
सुपरवाइजर करेंगे क्रॉस चेक
तीसरे चरण में जमा किए गए डेटा को एक बार फिर से जांचा जाएगा। इस काम के लिए सुपरवाइजर नियुक्त किए जाएंगे। हर छह कर्मचारियों पर एक सुपरवाइजर होगा, जो सभी जानकारी को ध्यान से चेक करेगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कहीं कोई गलती या गड़बड़ी न रह जाए।
अंतिम चरण में जुटेगी पूरी जानकारी
चौथे और आखिरी चरण में नागरिकों की पूरी व्यक्तिगत जानकारी इकट्ठा की जाएगी। इसमें परिवार, रोजगार और अन्य जरूरी जानकारियां शामिल होंगी। इससे सरकार को देश की आबादी और उनकी स्थिति का पूरा अंदाजा मिलेगा।
जाति गणना कब होगी?
जाति से जुड़ी जानकारी दूसरे चरण में जुटाई जाएगी। पहले चरण में सिर्फ घर और परिवार से जुड़ी जानकारी ली जाएगी। अगर किसी व्यक्ति के पास एक से ज्यादा घर हैं, तो उसे वहीं की जानकारी देनी होगी जहां वह फिलहाल रह रहा है।
1 अप्रैल से शुरू पहला चरण
जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल से शुरू हो रहा है। इस दौरान लोगों से कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। खास बात यह है कि अगर कोई कपल लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा है और खुद को स्थायी संबंध में मानता है, तो उसे शादीशुदा माना जाएगा।
पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
इस बार जनगणना को पूरी तरह डिजिटल बनाने की तैयारी है। लगभग 30 लाख कर्मचारी मोबाइल ऐप के जरिए डेटा इकट्ठा करेंगे। कोशिश की जा रही है कि प्रक्रिया ज्यादा से ज्यादा पेपरलेस हो, ताकि काम तेजी और पारदर्शिता से हो सके।

