Fake Passport Case: फर्जी पासपोर्ट मामले में छोटा राजन दोषी, CBI विशेष अदालत ने सुनाई सात साल की सजा

चेन्नई की CBI विशेष अदालत ने फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट बनवाने के 2002 के मामले में छोटा राजन को दोषी ठहराते हुए 7 साल की जेल और 55 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

Chhota Rajan Convicted: कुख्यात गैंगस्टर राजेंद्र सदाशिव निखल्जे (छोटा राजन) को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट हासिल करने के दो दशक पुराने मामले में बड़ा झटका लगा है। चेन्नई स्थित CBI की विशेष अदालत ने उसे धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी पहचान का इस्तेमाल करने का दोषी करार देते हुए 7 साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने सजा के साथ उस पर 55,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद आए इस फैसले को मामले में महत्वपूर्ण कानूनी उपलब्धि माना जा रहा है।

फर्जी पहचान का इस्तेमाल

CBI की जांच के मुताबिक, वर्ष 2002 में छोटा राजन ने अपनी असली पहचान छिपाकर “विजया कदम” नाम से भारतीय पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। आवेदन के समर्थन में उसने स्कूल का फर्जी ट्रांसफर सर्टिफिकेट, राशन कार्ड और डिमांड ड्राफ्ट सहित कई नकली दस्तावेज जमा किए थे। जांच में सामने आया कि इन दस्तावेजों के जरिए चेन्नई के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को गुमराह कर पासपोर्ट हासिल करने की कोशिश की गई थी।

CBI जांच में खुलासा

CBI ने 19 मार्च 2002 को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। विस्तृत जांच के दौरान एजेंसी ने पाया कि फर्जी नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति कोई और नहीं, बल्कि मुंबई का कुख्यात गैंगस्टर छोटा राजन था। इसके बाद साक्ष्य जुटाकर एजेंसी ने पूरे मामले को अदालत के सामने रखा और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई।

2004 में दाखिल हुई चार्जशीट

जांच पूरी होने के बाद CBI ने 22 जनवरी 2004 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। इसके बाद वर्षों तक मामले की सुनवाई चली। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर छोटा राजन को धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनका इस्तेमाल कर सरकारी तंत्र को गुमराह करने का दोषी माना। इसी आधार पर उसे सात वर्ष की सजा और आर्थिक दंड सुनाया गया।

पहले से काट रहा उम्रकैद

छोटा राजन को अक्टूबर 2015 में इंडोनेशिया के बाली से गिरफ्तार कर भारत लाया गया था। फिलहाल वह नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है और एक अन्य चर्चित आपराधिक मामले में पहले से उम्रकैद की सजा काट रहा है। ऐसे में पासपोर्ट फर्जीवाड़े के इस मामले में सुनाई गई नई सजा उसकी कानूनी मुश्किलों को और बढ़ाने वाली मानी जा रही है।

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