CJP Protest In Delhi: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर पर अपना आंदोलन समाप्त करने के बाद पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि आंदोलन खत्म होने के बावजूद देश के विभिन्न राज्यों में प्रदर्शनकारी छात्रों को पुलिस निशाना बना रही है और उनके खिलाफ कार्रवाई जारी है।
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य सदस्यों ने वरिष्ठ अधिवक्ता एवं राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात रखी।
FIR वापस लेने और कार्रवाई रोकने की मांग
सीजेपी का कहना है कि सरकार के साथ हुई बातचीत में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और भविष्य में कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने पर सहमति बनी थी। लेकिन पार्टी के अनुसार बिहार, पश्चिम बंगाल और दिल्ली समेत कई राज्यों में छात्रों को हिरासत में लिया जा रहा है और उन पर नए मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
पार्टी ने मांग की है कि सभी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर तत्काल वापस ली जाएं, गिरफ्तार छात्रों को रिहा किया जाए और सरकार कानूनी मामलों पर हुए लिखित समझौते को सार्वजनिक करे।
फिर आंदोलन की चेतावनी
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि यदि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं रुकी और सरकार अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं करती, तो संगठन दोबारा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कई राज्यों में छात्रों और आंदोलन से जुड़े स्वयंसेवकों को परेशान किया जा रहा है।
कपिल सिब्बल ने दिया कानूनी सहयोग का आश्वासन
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जिन छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने दावा किया कि विभिन्न राज्यों में दर्ज मामलों की निगरानी के लिए एक कानूनी तंत्र बनाया जाएगा।
सिब्बल ने घोषणा की कि वह छात्रों की कानूनी लड़ाई के लिए 1 करोड़ रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने कहा कि उनका समर्थन पूरी तरह कानूनी और संवैधानिक दायरे में रहेगा।
