Independence Day 2026: नई दिल्ली में 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम’ को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कार्यक्रम के वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेताओं के व्यवहार को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, उपलब्ध वीडियो के आधार पर इसे जानबूझकर राष्ट्रगीत का अपमान या बाधित करना साबित नहीं होता।
वीडियो में क्या दिखा?
कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम’ की शुरुआती पंक्तियां बजाई गईं। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत कई नेता इस दौरान मौजूद थे। वीडियो में गीत के शुरुआती हिस्से के बाद कुछ नेताओं को अपनी स्थिति बदलते और आपस में बातचीत करते देखा जा सकता है। इसी को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं।
कुछ यूजर्स ने इसे राष्ट्रगीत के प्रति असम्मान बताया, जबकि अन्य लोगों का कहना है कि वीडियो के आधार पर जानबूझकर गीत रोकने का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और समाचार एजेंसी एएनआई से सामने आए वीडियो को लेकर बीजेपी समर्थकों और अन्य यूजर्स ने कांग्रेस पर निशाना साधा। कई पोस्ट में नेताओं से राष्ट्रगीत के दौरान अनुशासन बनाए रखने की मांग की गई।
वहीं, मामले को लेकर यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या कार्यक्रम में वास्तव में ‘वंदे मातरम’ को बीच में रोका गया था या गीत का निर्धारित हिस्सा ही चलाया गया था।
कानून को लेकर भी चर्चा
खबर में किए गए दावे के मुताबिक, 2026 के प्रस्तावित/बताए गए कानूनी बदलाव के बाद ‘वंदे मातरम’ को लेकर भी दंडात्मक प्रावधानों की चर्चा शुरू हुई है। हालांकि, किसी व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई के लिए केवल सोशल मीडिया वीडियो या आरोप पर्याप्त नहीं होंगे; जानबूझकर बाधा डालने जैसे तथ्यों की पुष्टि जरूरी होगी।
