Deadly Leopard Attack: महाराष्ट्र के नासिक जिले के सिन्नर तालुका में रविवार, 4 जनवरी को एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां शिवदे गांव में एक किसान पर अचानक तेंदुए ने हमला कर दिया। इस हमले के दौरान किसान और तेंदुआ दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे पास ही मौजूद एक खुले कुएं में गिर पड़े। इस हादसे में किसान और तेंदुए दोनों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में डर, गुस्सा और तनाव का माहौल बना हुआ है।
सिंचाई के बाद खाना खाते समय हुआ हमला
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक किसान की पहचान गोरख जाधव के रूप में हुई है, जो सावता माली इलाके का रहने वाला था। बताया गया कि गोरख जाधव ने अपने खेत में गेहूं की फसल की सिंचाई पूरी कर ली थी। काम खत्म करने के बाद वह खेत के पास ही बैठकर दोपहर का खाना खा रहा था। तभी अचानक झाड़ियों से निकलकर एक तेंदुआ वहां आ गया और उसने किसान पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से किसान पूरी तरह घबरा गया। उसने खुद को बचाने की पूरी कोशिश की और तेंदुए से भिड़ गया। कुछ देर तक दोनों के बीच संघर्ष चलता रहा, जिससे आसपास के लोग भी सहम गए।
संघर्ष के दौरान खुले कुएं में गिरे दोनों
संघर्ष के दौरान किसान और तेंदुआ दोनों का संतुलन बिगड़ गया। पास में ही मौजूद एक खुला कुआं हादसे का कारण बन गया। दोनों सीधे कुएं में गिर गए। कुएं में गिरने से किसान को गंभीर चोटें आईं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। तेंदुआ भी कुएं में बुरी तरह घायल हो गया और तड़पने लगा।घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल पर इकट्ठा हो गए और प्रशासन को सूचना दी गई।
ग्रामीणों का गुस्सा और हंगामा
घटना के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने तेंदुए को कुएं से बाहर निकालने की तैयारी शुरू की। लेकिन किसान की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि इलाके में तेंदुओं की बढ़ती आवाजाही से लोगों की जान खतरे में पड़ रही है।ग्रामीणों का विरोध इतना बढ़ गया कि करीब तीन घंटे तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा। लोग प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते रहे।
तेंदुए की भी मौत, जांच में जुटा प्रशासन
काफी देर तक चले तनाव और देरी के कारण तेंदुए की भी कुएं में लगी चोटों से मौत हो गई। बाद में पुलिस और वन विभाग ने हालात को काबू में लिया। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है। इस घटना के बाद इलाके में वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खेतों और गांवों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
