Education Policy: इस्तीफे की मांग के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने की DoSEL बैठक, समग्र शिक्षा 3.0 और निपुण भारत 2.0 का ऐलान

NEET पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के बीच उन्होंने DoSEL योजनाओं की बैठक की अध्यक्षता की और नई शिक्षा योजनाओं को लेकर दिशा-निर्देश दिए।

DoSEL Meeting: दिल्ली में एक तरफ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रधान शिक्षा मंत्रालय से जुड़े कामकाज में सक्रिय नजर आ रहे हैं। बुधवार को उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्रियों के साथ DoSEL योजनाओं को लेकर दो दिवसीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में देश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, केंद्र प्रायोजित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। बैठक का उद्देश्य राज्यों के साथ मिलकर शिक्षा क्षेत्र की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना और आने वाले समय के लिए रणनीति तैयार करना था।

NEP 2020 के छह साल पूरे

बैठक को संबोधित करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने 29 जुलाई को शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण दिन बताया। उन्होंने कहा कि 29 जुलाई 2020 को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की नींव रखी गई थी और अब इसके छह वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह नीति की छठी वर्षगांठ होगी और इसके साथ देश शिक्षा के क्षेत्र में इसके सातवें वर्ष में प्रवेश करेगा। प्रधान ने शिक्षा मंत्रियों से अपील की कि NEP 2020 के उद्देश्यों को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।

नई योजनाओं पर जोर

धर्मेंद्र प्रधान ने बैठक के दौरान आने वाले दिनों के लिए नई योजनाओं और मौजूदा कार्यक्रमों को गति देने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से भी भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए तैयारी करने का सुझाव दिया गया है। प्रधान के मुताबिक, समग्र शिक्षा 3.0, निपुण भारत 2.0 और पीएम पोषण जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन को तेज करने की जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने अटल टिंकरिंग लैब्स जैसी पहलों के विस्तार पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की यह दो दिवसीय बैठक इसी दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

राज्यों के सहयोग पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि समग्र शिक्षा, पीएम पोषण और पीएम श्री जैसी योजनाओं को केंद्र प्रायोजित योजना के ढांचे के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन सभी योजनाओं की बुनियाद राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर आधारित है। प्रधान के मुताबिक, इन योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए केंद्र सरकार राज्यों के सहयोग और परामर्श को महत्व देती है। बैठक में कई राज्यों के शिक्षा मंत्रियों ने अपने विचार रखे, जबकि बाकी मंत्रियों की ओर से अगले दिन अपने सुझाव दिए जाने की बात कही गई।

इस्तीफे की मांग के बीच सक्रिय प्रधान

केंद्रीय शिक्षा मंत्री की यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब संसद का मानसून सत्र चल रहा है और विपक्ष NEET पेपर लीक मामले को लेकर सरकार पर लगातार हमला कर रहा है। विपक्षी दल इस मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वहीं, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं। इन परिस्थितियों के बीच प्रधान का मंत्रालय से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय रहना राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। विपक्ष जहां इसे इस्तीफे की मांग को नजरअंदाज करने के तौर पर देख रहा है, वहीं सरकार की ओर से शिक्षा मंत्री के पद से हटाने को लेकर फिलहाल कोई संकेत सामने नहीं आया है। ऐसे में यह मुद्दा आने वाले दिनों में संसद और राजनीतिक मंचों पर और जोर पकड़ सकता है।

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