Dharmendra Pradhan Resignation: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP/कॉजपा) ने साफ कर दिया है कि उसका आंदोलन फिलहाल समाप्त नहीं होगा। संगठन का कहना है कि मंत्री का इस्तीफा उनकी प्रमुख मांगों में से एक था, लेकिन अभी कई अन्य मांगें पूरी होना बाकी हैं। इसी वजह से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रहेगा।
नई मांगों की सूची जारी
कॉजपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा आंदोलन की पहली बड़ी जीत है। इसके साथ ही संगठन ने नई मांगों की सूची जारी की है। इनमें कथित तौर पर NEET पेपर लीक से जुड़े मामलों में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा, आंदोलन में शामिल छात्रों पर किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न करने और दिल्ली पुलिस व रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) से सार्वजनिक माफी की मांग शामिल है।
जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों ने जश्न मनाया। तिरंगा लहराते हुए प्रदर्शनकारियों ने ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए और देशभक्ति गीतों पर खुशी जाहिर की। कई प्रदर्शनकारी डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीरें लेकर पहुंचे और इसे आंदोलन की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
‘अभी आंदोलन खत्म नहीं होगा’
कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह इस्तीफा लोकतांत्रिक आंदोलन की ताकत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि संगठन तब तक अपना आंदोलन जारी रखेगा, जब तक उसकी सभी मांगों पर सरकार सकारात्मक निर्णय नहीं लेती। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल पहला कदम है और आगे की लड़ाई अभी बाकी है।
धर्मेंद्र प्रधान ने क्या कहा?
इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि NEET विवाद को उन्होंने कभी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं माना और शुरुआत से ही इसकी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार की थी। उन्होंने लोगों से अपील की कि छात्र आंदोलन का फायदा उठाने की कोशिश करने वाले असामाजिक और राष्ट्रविरोधी तत्वों से सतर्क रहें।
