FPI Investment: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने फरवरी में भारतीय शेयर बाजार में 22,615 करोड़ रुपये डाले। यह पिछले 17 महीनों में सबसे ज्यादा मासिक निवेश माना जा रहा है। इससे पहले सितंबर 2024 में 57,724 करोड़ रुपये का निवेश आया था। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, यह खरीदारी लगातार तीन महीनों की भारी बिकवाली के बाद हुई है। जनवरी में 35,962 करोड़ रुपये, दिसंबर में 22,611 करोड़ रुपये और नवंबर में 3,765 करोड़ रुपये बाजार से निकाले गए थे।
2025 में रहा भारी आउटफ्लो
कुल मिलाकर साल 2025 में अब तक एफपीआई भारतीय शेयरों से करीब 1.66 लाख करोड़ रुपये (लगभग 18.9 अरब डॉलर) निकाल चुके हैं। यह विदेशी निवेश के लिहाज से कमजोर दौर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि रुपये में उतार-चढ़ाव, वैश्विक व्यापार तनाव, अमेरिका के संभावित टैरिफ और शेयरों के ऊंचे दाम इस बिकवाली की बड़ी वजह रहे।
इन वजहों से लौटा भरोसा
विश्लेषकों के मुताबिक, फरवरी में आए निवेश के पीछे कई कारण हैं। अंतरिम भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से माहौल बेहतर हुआ। साथ ही, बाजार में दामों में सुधार और तीसरी तिमाही की मजबूत कॉर्पोरेट कमाई ने विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। Q3 FY26 में कंपनियों की कमाई करीब 14.7 प्रतिशत बढ़ी, जिससे यह संकेत मिला कि अर्थव्यवस्था में ग्रोथ की रफ्तार बनी हुई है।
किन सेक्टरों में हुई खरीदारी
सेक्टर के हिसाब से देखें तो एफपीआई ने फाइनेंशियल और कैपिटल गुड्स कंपनियों में जमकर खरीदारी की। वहीं आईटी सेक्टर से पैसा निकाला गया।
आईटी कंपनियों में करीब 10,956 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई। माना जा रहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी चिंताओं और कमजोर मांग के कारण इस सेक्टर में दबाव रहा।
आगे क्या रहेगा रुख
विशेषज्ञों का मानना है कि मार्च में भी निवेश का रुख सकारात्मक रह सकता है। हालांकि, चौथी तिमाही की कमाई यह तय करेगी कि वित्त वर्ष 2027 में 15 प्रतिशत की कमाई वृद्धि संभव है या नहीं। रुपया अगर डॉलर के मुकाबले 91 रुपये से नीचे स्थिर रहता है, तो इससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है।
वेट एंड वॉच की रणनीति
बाजार जानकारों का कहना है कि विदेशी निवेशक फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति अपना सकते हैं। वे उभरते बाजारों में निवेश बढ़ाने से पहले वैश्विक हालात पर नजर रखेंगे।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।





