Site icon News1India

Green Crackers : असली ग्रीन पटाखे कैसे पहचाने? खरीदने से पहले जरूर जांचें पैकेट, QR कोड और लाइसेंस

Green Crackers Identification: दीवाली का त्योहार आते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है। घरों की सजावट, मिठाइयों और नए कपड़ों की खरीदारी के साथ पटाखों की दुकानों पर भी भीड़ नजर आने लगती है। इस बार 8 नवंबर को दीवाली मनाई जाएगी। ऐसे में बड़ी संख्या में लोग त्योहार के लिए पटाखे खरीदने की तैयारी कर रहे हैं।

अगर आप भी इस दीवाली ग्रीन पटाखे खरीदने की योजना बना रहे हैं तो थोड़ी सावधानी बरतना जरूरी है। बाजार में असली ग्रीन पटाखों के नाम पर नकली और बिना मंजूरी वाले पटाखे बेचे जा सकते हैं। ऐसे पटाखे न केवल पर्यावरण के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं, बल्कि इन्हें खरीदने और इस्तेमाल करने पर कानूनी परेशानी भी हो सकती है। इसलिए खरीदारी से पहले कुछ जरूरी बातों की जांच कर लेना बेहतर है।

सील बंद पैकेट ही खरीदें

ग्रीन पटाखे खरीदते समय सबसे पहले उनके पैकेट की जांच करें। हमेशा सील बंद डिब्बे ही खरीदें। अगर पैकेट पहले से खुला हुआ है, उस पर निर्माता की जानकारी नहीं है या जरूरी विवरण स्पष्ट नहीं लिखे हैं तो ऐसे पटाखे खरीदने से बचें। पैकेट पर निर्माता का नाम, उत्पाद से जुड़ी जानकारी और जरूरी प्रमाणन का विवरण ध्यान से पढ़ें। केवल हरे रंग की पैकिंग देखकर किसी पटाखे को ग्रीन मान लेना सही नहीं है।

दुकानदार की अनुमति भी जांचें

पटाखे खरीदते समय दुकान की वैधता का ध्यान रखना भी जरूरी है। हमेशा अधिकृत और लाइसेंस प्राप्त दुकानदार से ही पटाखे खरीदें। सड़क किनारे या अस्थायी रूप से बिना अनुमति पटाखे बेचने वालों से खरीदारी करने से बचें। लाइसेंस प्राप्त दुकान से खरीदारी करने पर नकली और अवैध पटाखे मिलने की आशंका कम हो सकती है। जरूरत पड़ने पर दुकानदार से लाइसेंस संबंधी जानकारी भी मांगी जा सकती है।

QR कोड से पहचान

असली ग्रीन पटाखों की पहचान के लिए पैकेट पर दिया गया QR कोड भी महत्वपूर्ण है। खरीदारी करने से पहले मोबाइल से इस कोड को स्कैन करें। इससे पटाखे के निर्माता, लाइसेंस नंबर और बैच से जुड़ी जानकारी मिल सकती है। इस जानकारी का पैकेट पर लिखे विवरण से मिलान करना जरूरी है। अगर निर्माता और उत्पाद से जुड़ी जानकारी सही मिलती है तो उसकी प्रामाणिकता की जांच करने में मदद मिल सकती है।

जानकारी न मिले तो सावधान

अगर QR कोड स्कैन करने पर कोई जानकारी नहीं मिलती या दिखाई देने वाला विवरण पैकेट पर लिखी जानकारी से अलग है तो पटाखे खरीदने में जल्दबाजी न करें। ऐसे उत्पाद नकली या बिना मंजूरी वाले हो सकते हैं। बेहतर है कि दुकानदार से इसकी पुष्टि करें और संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने पर दूसरे अधिकृत विक्रेता से पटाखे खरीदें। केवल QR कोड मौजूद होना ही किसी उत्पाद के असली होने की गारंटी नहीं है।

जुर्माना और जब्ती का खतरा

ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को लेकर निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। अवैध पटाखे बेचने वाले दुकानदारों और निर्माताओं पर जुर्माना लगाने के साथ उनका माल जब्त किया जा सकता है। दिल्ली-एनसीआर समेत कई क्षेत्रों में पटाखों को लेकर अलग-अलग प्रतिबंध और नियम लागू होते हैं। इसलिए अपने इलाके में लागू दिशा-निर्देशों की जानकारी लेना जरूरी है।

दीवाली खुशियों और रोशनी का त्योहार है। ऐसे में पटाखे खरीदते समय सिर्फ कीमत और आकर्षक पैकिंग न देखें, बल्कि उनकी प्रमाणिकता और मंजूरी की भी जांच करें। इससे आप नकली उत्पादों से बच सकते हैं और त्योहार को सुरक्षित तरीके से मना सकते हैं।

Exit mobile version