Increase Prices: गर्मियों से पहले एसी महंगे, वजह क्या ईरान युद्ध या कच्चे माल, कमजोर रुपया और नए एनर्जी नियम

गर्मियों से पहले कई बड़ी कंपनियों ने एसी की कीमतें बढ़ा दी हैं। कच्चे माल की महंगाई, कमजोर रुपया और नए एनर्जी नियम इसकी वजह हैं। इसके बावजूद इस साल एसी बिक्री बढ़ने की उम्मीद है।

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Increase in AC Prices: फरवरी से अप्रैल के बीच एयर कंडीशनर (AC) की कीमतों में बढ़ोतरी होने जा रही है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय पर हो रही है जब गर्मियों का मौसम आने वाला है और आमतौर पर इस समय एसी की मांग तेजी से बढ़ जाती है। कई बड़ी कंपनियों जैसे डाइकिन, वोल्टास, ब्लू स्टार, एलजी, हायर और मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज ने अपने एसी मॉडल्स की कीमत बढ़ाने की घोषणा कर दी है।

कंपनियों का कहना है कि कच्चे माल की कीमतें बढ़ने, रुपये के कमजोर होने, नए एनर्जी एफिशिएंसी नियम लागू होने और माल ढुलाई की लागत बढ़ने की वजह से कीमतें बढ़ाना जरूरी हो गया है। हालांकि इंडस्ट्री के लोगों को उम्मीद है कि इस साल गर्मी ज्यादा पड़ सकती है, इसलिए एसी की बिक्री में अच्छी बढ़त देखने को मिल सकती है।

डाइकिन इंडिया ने बढ़ाई कीमतें

डाइकिन इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर कंवलजीत जावा ने बताया कि कंपनी अप्रैल से एसी की कीमतों में लगभग 12 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करेगी। उन्होंने कहा कि हर मॉडल की कीमत अलग-अलग तरीके से बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया कि नए एनर्जी एफिशिएंसी नियम लागू होने के कारण अब एसी पहले से ज्यादा बिजली बचाने वाले बन गए हैं। इसके साथ ही कॉपर जैसे जरूरी कच्चे माल की कीमतें बढ़ गई हैं। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ है। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर चल रही अनिश्चितता और माल ढुलाई की लागत बढ़ने से भी आयात महंगा हो गया है।

जावा का कहना है कि इन कारणों की वजह से कीमतें बढ़ाना जरूरी हो गया है। हालांकि उन्हें उम्मीद है कि 2026 में गर्मी ज्यादा पड़ेगी, जिससे एसी की बिक्री में लगभग 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है।

ब्लू स्टार ने भी बढ़ाए दाम

ब्लू स्टार के मैनेजिंग डायरेक्टर बी. त्यागराजन ने बताया कि कंपनी फरवरी के बीच में ही एसी की कीमतों में 8 से 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर चुकी है। हालांकि बाजार में अभी भी पुराने दाम वाले एसी उपलब्ध हैं, इसलिए ग्राहकों को तुरंत ज्यादा फर्क महसूस नहीं होगा। उन्होंने बताया कि कई डीलरों ने पहले ही पुराना स्टॉक खरीद लिया था क्योंकि उन्हें पता था कि कीमतें बढ़ने वाली हैं। इसलिए वे पहले पुराने स्टॉक को बेचेंगे और उसके बाद नई कीमत वाले एसी बाजार में आएंगे।

त्यागराजन के अनुसार, साल 2025 एसी इंडस्ट्री के लिए ज्यादा अच्छा नहीं रहा, क्योंकि कई जगहों पर बेमौसम बारिश और मौसम के बदलाव की वजह से बिक्री प्रभावित हुई थी। लेकिन 2024 में रिकॉर्ड बिक्री हुई थी क्योंकि देश के कई हिस्सों में तेज गर्मी पड़ी थी।

वोल्टास भी करेगा कीमतों में इजाफा

टाटा ग्रुप की कंपनी और एसी बाजार की बड़ी कंपनी वोल्टास भी अपने एसी की कीमतों में 5 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने की योजना बना रही है।

वोल्टास के मैनेजिंग डायरेक्टर मुकुंदन मेनन के अनुसार पिछले कुछ महीनों में इनपुट लागत लगातार बढ़ रही है। कॉपर की कीमतें बढ़ रही हैं, रुपया कमजोर हो रहा है और नए एनर्जी एफिशिएंसी स्टैंडर्ड्स लागू हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी अपने ग्राहकों को बेहतर क्वालिटी और ज्यादा बिजली बचाने वाले एसी देना चाहती है। इसलिए कीमतों में थोड़ा-थोड़ा और सोच-समझकर बदलाव किया जाएगा।

एलजी ने भी बढ़ाए दाम

एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया ने भी अपने एसी की कीमतों में बढ़ोतरी की है। कंपनी ने 3-स्टार मॉडल्स की कीमत लगभग 7 प्रतिशत और 5-स्टार मॉडल्स की कीमत लगभग 9 से 10 प्रतिशत तक बढ़ा दी है। कंपनी के डायरेक्टर और को-चीफ सेल्स एंड मार्केटिंग ऑफिसर संजय चितकारा ने बताया कि नए एनर्जी एफिशिएंट एसी पहले की तुलना में लगभग 11 प्रतिशत ज्यादा बिजली बचाते हैं। इससे ग्राहकों को लंबे समय में बिजली के बिल में फायदा मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि कॉपर और एल्यूमीनियम जैसे कच्चे माल की कीमतें अभी भी ज्यादा बनी हुई हैं। हालांकि GST को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने से कुछ हद तक लागत कम हुई है, जिससे ग्राहकों के लिए एनर्जी एफिशिएंट एसी खरीदना आसान हुआ है।

हायर और मित्सुबिशी ने भी किया बदलाव

हायर इंडिया ने भी एसी की कीमतों में 5 से 8 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है। कंपनी के प्रेसिडेंट एन. एस. सतीश के अनुसार 3-स्टार एसी की कीमत लगभग 5 प्रतिशत और 5-स्टार एसी की कीमत लगभग 8 प्रतिशत तक बढ़ाई गई है। यह बढ़ोतरी मार्च से लागू हो चुकी है।

वहीं मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज ने भी एसी की कीमतों में करीब 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। कंपनी के डायरेक्टर प्रदीप बख्शी के अनुसार रुपये के कमजोर होने की वजह से आयात महंगा हो गया है, जिससे कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं। भारत का रूम एयर कंडीशनर बाजार लगभग 13.5 मिलियन यूनिट का माना जाता है। इसमें वोल्टास, एलजी, डाइकिन, ब्लू स्टार, हिताची, पैनासोनिक और लॉयड जैसी कंपनियां आपस में प्रतिस्पर्धा करती हैं।

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