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Heavy Snowfall:बॉर्डर पर भारी बर्फबारी,सिक्किम में रेड अलर्ट, कई राज्यों में बारिश और जनजीवन अस्त-व्यस्त

Heavy Snowfall on India-China Border: भारत-चीन सीमा पर इन दिनों मौसम का मिज़ाज पूरी तरह बदल गया है। सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख के ऊंचाई वाले इलाकों में बीते दो दिनों से लगातार भारी बर्फबारी हो रही है। तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है, जिससे स्थानीय लोगों और सेना दोनों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।मौसम विभाग ने सिक्किम में रेड अलर्ट जारी किया है और लोगों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। नाथूला दर्रा और उत्तर सिक्किम के कई हिस्सों में 3 से 4 फीट तक बर्फ जम चुकी है, जिससे सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं।राहत कार्यों में जुटी टीमों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने कहा है कि फिलहाल पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाई गई है और पर्यटकों से अपील की गई है कि वे इन इलाकों की यात्रा न करें।

सेना और बॉर्डर सुरक्षा बल सतर्क मोड पर

भारत-चीन सीमा पर तैनात सेना और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ने सभी पोस्टों को अलर्ट मोड पर रखा है। बर्फबारी के बीच जवानों को सीमावर्ती इलाकों में लगातार निगरानी करनी पड़ रही है। सेना के अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम के बावजूद बॉर्डर पेट्रोलिंग जारी है। हालांकि, कई इलाकों में बर्फ के ढेर और फिसलन भरी सड़कों के कारण सप्लाई लाइनों में दिक्कतें आई हैं। रक्षा मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि सभी आवश्यक उपकरण और मदद के साधन जवानों तक पहुंचाए जा रहे हैं।

मोन्था तूफान का असर, छत्तीसगढ़-झारखंड में लगातार बारिश

बंगाल की खाड़ी में बना मोन्था तूफान अब धीरे-धीरे कमजोर हो चुका है, लेकिन इसका असर अब भी मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में देखा जा रहा है।छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड में बीते 24 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। रायपुर, बिलासपुर और कोरबा जिलों में तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
रेलवे विभाग ने जानकारी दी है कि बारिश और ट्रैक पर पानी भरने के कारण कई ट्रेनों के संचालन में देरी हो रही है। वहीं, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटे तक छत्तीसगढ़ और उसके आसपास के इलाकों में बारिश जारी रह सकती है।

उत्तर प्रदेश में फसलें हुईं बर्बाद, किसान बेहाल

मौसम के अचानक बदले रुख ने उत्तर प्रदेश के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्य के पूर्वांचल, गोरखपुर, बस्ती, देवरिया, बलिया और कुशीनगर जिलों में लगातार बारिश और ओलावृष्टि से धान की फसल पूरी तरह चौपट हो गई है।कई किसानों ने बताया कि खेतों में पानी भर गया है, जिससे कटाई का सारा काम रुक गया है। कुछ इलाकों में फसलें गिरकर सड़ रही हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और सरकार से मुआवजे की सिफारिश की जा रही है। किसान संगठनों ने आपदा राहत पैकेज की मांग की है, ताकि उन्हें आर्थिक सहायता मिल सके।

उत्तर भारत में बढ़ी ठंड, दिल्ली-हरियाणा में पारा गिरा

बर्फबारी और बारिश के चलते उत्तर भारत में ठंड बढ़ने लगी है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड में तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री तक नीचे चला गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले एक सप्ताह में ठंड और बढ़ेगी, खासकर सुबह और रात के समय। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि हरियाणा के कुछ हिस्सों में पारा 10 डिग्री से नीचे गिरने की संभावना है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी है, विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के लिए सावधानी बरतने को कहा गया है।

सरकार और आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रहने के निर्देश

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस बदलते मौसम को देखते हुए सभी राज्यों को आपदा प्रबंधन दलों को अलर्ट मोड पर रखने का निर्देश दिया है।
सिक्किम में NDRF की टीमें पहले से तैनात हैं, जो बर्फबारी प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों में लगी हुई हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में जिला प्रशासन को नुकसान का विस्तृत ब्यौरा केंद्र सरकार को भेजने को कहा गया है।
सरकार ने कहा है कि प्रभावित किसानों और नागरिकों को त्वरित राहत देने के लिए फंड जारी किया जाएगा।

मौसम विभाग की चेतावनी — अभी खतरा टला नहीं

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने ताजा अपडेट में कहा है कि अगले 72 घंटे देश के कई हिस्सों के लिए संवेदनशील रहेंगे। उत्तर-पूर्व भारत में बर्फबारी और मध्य भारत में भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को सावधान करते हुए कहा है कि अनावश्यक यात्रा से बचें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहें।

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