Lockdown Rumors: भारत सरकार के पास लॉकडाउन लागू करने का कोई प्रस्ताव नहीं, किसने अफवाहों पर लगाई रोक

भारत में लॉकडाउन की खबरें पूरी तरह झूठी हैं। सरकार ने साफ किया कि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। बढ़ती तेल कीमतों के बावजूद सरकार जनता को राहत देने के लिए आर्थिक बोझ खुद उठा रही है।

Lockdown Rumors in India:हाल ही में सोशल मीडिया पर भारत में दोबारा लॉकडाउन लगाए जाने की खबरें तेजी से फैल रही थीं। इस पर केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने साफ शब्दों में इन अफवाहों को गलत बताया है। उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत सरकार के पास लॉकडाउन लागू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की झूठी खबरें फैलाना गैर-जिम्मेदाराना है और इससे लोगों में बेवजह डर और घबराहट फैलती है।

तेल की कीमतों का दबाव बढ़ा

सरकार इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती तेल कीमतों के दबाव का सामना कर रही है। इसके बावजूद आम लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने अपने कर राजस्व पर बड़ा बोझ उठाया है। पेट्रोल पर लगभग 24 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर करीब 30 रुपये प्रति लीटर का दबाव कम करने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने के कारण पेट्रोल और डीजल पर निर्यात कर भी लगाया गया है, ताकि देश में कीमतों को संतुलित रखा जा सके।

वैश्विक हालात अब भी चिंताजनक

Israel–Iran conflict के चलते वैश्विक स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है। यह संघर्ष अब अपने पांचवें सप्ताह में पहुंचने वाला है, जिससे ऊर्जा बाजार और सप्लाई चेन पर असर पड़ रहा है। सरकार इन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और हर जरूरी कदम उठा रही है, ताकि देश में ईंधन और जरूरी वस्तुओं की कमी न हो।

कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल

पिछले एक महीने में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है। पहले जहां कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल थी, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। इसका असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है।

दक्षिण-पूर्व एशिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 30% से 50% तक बढ़ गई हैं। वहीं उत्तरी अमेरिका में करीब 30%, यूरोप में 20% और अफ्रीका में लगभग 50% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे में आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।

सरकार के सामने थे दो रास्ते

इस कठिन परिस्थिति में सरकार के सामने दो विकल्प थे। पहला, अन्य देशों की तरह भारत में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें काफी बढ़ा दी जाएं। दूसरा, सरकार खुद इस आर्थिक दबाव को झेले, ताकि आम जनता पर इसका असर कम हो। सरकार ने दूसरा विकल्प चुना, जिससे लोगों को राहत मिल सके और वे अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता से सुरक्षित रह सकें।

अफवाहों से बचें, सही जानकारी अपनाएं

सरकार ने साफ कर दिया है कि लॉकडाउन जैसी कोई स्थिति नहीं है। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल भरोसेमंद स्रोतों से ही जानकारी लें। मौजूदा हालात चुनौतीपूर्ण जरूर हैं, लेकिन सरकार स्थिति को संभालने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

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