LPG Supply Relief News: पिछले करीब दो हफ्तों से समुद्र में बढ़ते तनाव के कारण भारत में रसोई गैस को लेकर चिंता बढ़ गई थी। खासकर होर्मुज स्ट्रेट के आसपास हालात तनावपूर्ण होने से कई देशों के जहाज वहां फंस गए थे। इसका असर भारत में भी देखने को मिला। कई जगहों से एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई धीमी होने की खबरें आने लगी थीं। ऐसे में आम लोगों, खासकर गृहिणियों के बीच चिंता बढ़ गई थी कि कहीं रसोई गैस की कमी न हो जाए। लेकिन अब एक राहत भरी खबर सामने आई है। भारत के दो बड़े गैस टैंकर ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ सुरक्षित तरीके से उस क्षेत्र से निकल आए हैं और तेजी से भारत की ओर बढ़ रहे हैं।
सुरक्षित रास्ते से निकले जहाज
जानकारी के मुताबिक, इन जहाजों का सुरक्षित निकलना काफी अहम माना जा रहा है। क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्तों में से एक है।
सूत्रों के अनुसार, भारत और ईरान के बीच उच्च स्तर पर बातचीत हुई थी। इसके बाद भारतीय जहाजों को इस रास्ते से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी गई। हालांकि अधिकारी इस मामले पर खुलकर ज्यादा जानकारी नहीं दे रहे हैं, लेकिन यह जरूर कहा जा रहा है कि भारत और ईरान के बीच अच्छे संबंधों का फायदा मिला है। इन जहाजों को भारतीय नौसेना की निगरानी में सुरक्षित आगे बढ़ाया जा रहा है।
भारत की गैस जरूरत के लिए अहम
भारत अपनी जरूरत की बड़ी मात्रा में एलपीजी गैस विदेशों से मंगाता है।
खासकर मिडिल ईस्ट के देशों से बड़ी मात्रा में गैस आयात की जाती है।
युद्ध जैसे हालात बनने के कारण अगर यह सप्लाई रुक जाती, तो देश में गैस की भारी कमी हो सकती थी। इससे घरेलू रसोई से लेकर कई उद्योगों तक असर पड़ सकता था।
लेकिन अब उम्मीद है कि ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ जहाज जल्द ही भारत के बंदरगाहों पर पहुंच जाएंगे।
कतर से लोड हुई गैस
मिली जानकारी के अनुसार, इन दोनों जहाजों ने कतर के रास लफान बंदरगाह से एलपीजी गैस लोड की है।
शिप ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, ‘शिवालिक’ पहले ही होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुका है, जबकि ‘नंदा देवी’ भी उसी रास्ते से आगे बढ़ रहा है।
इन जहाजों के सुरक्षित पहुंचने से देश में एलपीजी की सप्लाई को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
भारतीय जहाजों का संदेश
इन जहाजों ने अपने एआईएस सिस्टम के जरिए यह संकेत भी दिया है कि वे भारत से जुड़े जहाज हैं। यह सिस्टम जहाज की लोकेशन और पहचान बताने का काम करता है। तनावपूर्ण हालात के बावजूद भारतीय जहाजों का सुरक्षित निकलना यह दिखाता है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को लेकर काफी सतर्क है। बताया जा रहा है कि इन जहाजों के बाद और भी एलपीजी टैंकर भारत की ओर रवाना हो सकते हैं।
गैस सप्लाई में आ सकती है राहत
इन जहाजों के आने के बाद उम्मीद है कि देश में गैस की सप्लाई फिर से सामान्य हो जाएगी। सरकार लगातार कोशिश कर रही है कि कच्चे तेल और गैस की सप्लाई में कोई बाधा न आए।
ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भारत की रणनीति और कूटनीतिक प्रयासों का असर अब साफ दिखाई देने लगा है।

