Trade Deal: आज होगा भारत-न्यूजीलैंड व्यापार समझौता, MSME, निर्यात, नौकरी और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे

भारत-न्यूजीलैंड व्यापार समझौते से निर्यात, नौकरी और निवेश के नए मौके खुलेंगे। MSME और सेवा क्षेत्र को फायदा होगा। दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़कर 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

India New Zealand Free Trade Agreement Benefits

India New Zealand Trade Deal:भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ यह अहम व्यापार समझौता लंबे समय की बातचीत के बाद तैयार हुआ है। इसकी शुरुआत मार्च 2025 में हुई थी और दिसंबर 2025 में इसे अंतिम रूप दिया गया। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि यह समझौता जल्द ही लागू होगा। इसका मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक रिश्तों को मजबूत करना है।

भारत को होगा बड़ा फायदा

इस समझौते के तहत भारत से न्यूजीलैंड जाने वाले करीब 70 प्रतिशत उत्पादों पर कोई आयात शुल्क नहीं लगेगा। इससे भारतीय निर्यातकों को सीधा फायदा मिलेगा। खासकर आगरा का लेदर उद्योग, उत्तर प्रदेश के हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट सेक्टर को नए मौके मिलेंगे। यह समझौता छोटे उद्योगों और MSME सेक्टर के लिए काफी फायदेमंद माना जा रहा है।

नौकरी और वीजा के अवसर

इस समझौते में सेवा क्षेत्र को भी शामिल किया गया है। इसके तहत हर साल 5000 भारतीय पेशेवरों को अस्थायी वीजा मिलेगा, जिसकी अवधि तीन साल तक होगी। इन वीजा के जरिए आईटी, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर, शिक्षा और कंस्ट्रक्शन जैसे क्षेत्रों में काम करने का मौका मिलेगा। इसके अलावा योग प्रशिक्षक, आयुष विशेषज्ञ, शेफ और संगीत शिक्षक भी इसका लाभ उठा सकेंगे।

नियम होंगे आसान

FTA के तहत व्यापार से जुड़े नियमों को सरल बनाया जाएगा। गैर-टैरिफ बाधाओं को कम किया जाएगा, जिससे भारतीय दवाओं और मेडिकल उपकरणों को न्यूजीलैंड में जल्दी मंजूरी मिल सकेगी। इससे फार्मा और हेल्थ सेक्टर को भी बड़ा फायदा होगा।

कृषि क्षेत्र में सहयोग

कृषि के क्षेत्र में भी दोनों देश मिलकर काम करेंगे। कीवी, सेब और शहद जैसे उत्पादों पर नई तकनीक के जरिए सहयोग बढ़ाया जाएगा। इस समझौते का लक्ष्य है कि अगले पांच साल में दोनों देशों के बीच व्यापार को 2.4 अरब डॉलर से बढ़ाकर 5 अरब डॉलर तक पहुंचाया जाए।

न्यूजीलैंड को भी मिलेगा लाभ

इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड को भारत में अपने 95 प्रतिशत उत्पादों पर शुल्क में छूट मिलेगी। इनमें ऊन, कोयला, लकड़ी, वाइन, एवोकाडो और ब्लूबेरी जैसे उत्पाद शामिल हैं। हालांकि भारत ने डेयरी, प्याज, चीनी, मसाले, खाद्य तेल और रबर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को इस समझौते से बाहर रखा है, ताकि देश के किसानों और उद्योगों की सुरक्षा बनी रहे।

ताजमहल का दौरा और उद्योगपतियों से मुलाकात

समझौते पर हस्ताक्षर से पहले पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के मंत्री टॉड मैक्ले ने अपने परिवार के साथ ताजमहल का दौरा किया। उन्होंने आगरा के उद्योगपतियों से भी मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। इस बैठक में लेदर, टेक्सटाइल, मसाले, हैंडलूम और कारपेट सेक्टर के लोग शामिल थे।

आगरा में नया औद्योगिक पार्क

पीयूष गोयल ने कहा कि आगरा भविष्य में निर्यात का बड़ा केंद्र बन सकता है। सरकार देशभर में 100 इंडस्ट्रियल पार्क बनाने की योजना पर काम कर रही है। इसी के तहत आगरा के पास भी एक नया औद्योगिक पार्क बनाने पर विचार किया जा रहा है।

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