Order To Increase LPG Production: देश में रसोई गैस की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी यानी रसोई गैस का उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि भविष्य में गैस की सप्लाई में किसी तरह की कमी न आने पाए। दरअसल, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है।
आपातकालीन कानून का इस्तेमाल
सरकार ने यह निर्देश आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत जारी किया है। इस कानून के जरिए सरकार आपात स्थिति में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति को नियंत्रित कर सकती है। इसी अधिकार का इस्तेमाल करते हुए तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के लिए कहा गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 5 मार्च को इस संबंध में आदेश जारी किया। आदेश में साफ कहा गया है कि सभी सरकारी और निजी रिफाइनरियां तेल शोधन के दौरान निकलने वाली प्रोपेन और ब्यूटेन गैस का ज्यादा से ज्यादा उपयोग एलपीजी बनाने में करें।
देश में एलपीजी की बढ़ती मांग
भारत में एलपीजी की मांग लगातार बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2024-25 में देश में एलपीजी की कुल खपत करीब 3.13 करोड़ टन रही। लेकिन इसमें से सिर्फ 1.28 करोड़ टन का उत्पादन देश के अंदर हुआ। बाकी की जरूरत आयात के जरिए पूरी की गई। यानी भारत अभी भी रसोई गैस के लिए बड़े पैमाने पर दूसरे देशों पर निर्भर है। ऐसे में अगर अंतरराष्ट्रीय हालात खराब होते हैं, तो सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
आयात पर भारी निर्भरता
भारत अपनी जरूरत का करीब 85 से 90 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है। इसका बड़ा हिस्सा सऊदी अरब जैसे देशों से आता है। इन देशों से गैस और तेल की आपूर्ति मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होती है। लेकिन हाल ही में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव की वजह से इस समुद्री रास्ते के प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। इसी कारण सरकार पहले से सतर्क हो गई है।
पेट्रोकेमिकल में इस्तेमाल पर रोक
सरकार ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि प्रोपेन और ब्यूटेन गैस का इस्तेमाल अब पेट्रोकेमिकल उत्पाद बनाने में नहीं किया जाएगा। यानी इन गैसों को किसी दूसरे उद्योग में उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी।
इन दोनों गैसों का इस्तेमाल केवल एलपीजी बनाने के लिए किया जाएगा, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को रसोई गैस की पर्याप्त आपूर्ति मिल सके।
केवल तीन कंपनियों को मिलेगी सप्लाई
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि रिफाइनरियों में बनने वाली एलपीजी केवल तीन सरकारी तेल विपणन कंपनियों को ही दी जाएगी। इनमें इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम शामिल हैं। इसके साथ ही सरकार ने चेतावनी भी दी है कि अगर किसी कंपनी ने इस आदेश का पालन नहीं किया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
