Site icon News1India

भारत की ये 5 सरकारी कंपनियां बनीं ‘दधीचि की हड्डियां’, अब गोला-बारूद के खजाने से भरपूर है भारत!

India Pakistan War 2025

India Pakistan War 2025 : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को एक सर्वदलीय बैठक में यह स्पष्ट किया कि भारत के पास पर्याप्त गोला-बारूद है। उन्होंने बताया कि सरकारी कंपनियाँ गोला-बारूद का उत्पादन बढ़ा चुकी हैं और भविष्य में इसे और भी बढ़ाने की क्षमता रखती हैं। इसके अलावा, प्राइवेट सेक्टर भी इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मंत्री ने यह भी कहा कि भारत का रक्षा क्षेत्र अब तेज़ी से उन्नति की दिशा में बढ़ रहा है। स्रोतों के अनुसार, राजनाथ सिंह ने यह भी बताया कि पिछले वर्ष सरकार ने 1.45 लाख करोड़ रुपये की सैन्य खरीद परियोजनाओं को मंजूरी दी थी, जिसका उद्देश्य देश में ही रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना है।

इस पहल के चलते, कई सरकारी रक्षा कंपनियाँ (PSUs) गोला-बारूद का उत्पादन कर रही हैं, जो देश की सैन्य तैयारियों को सुदृढ़ बनाने में मदद कर रही हैं। भारत में अब गोला-बारूद का उत्पादन स्वदेश में किया जा रहा है, लेकिन करगिल युद्ध के दौरान जब गोला-बारूद की कमी हो गई थी, तब भारत को अन्य देशों से महंगे गोला-बारूद खरीदने पड़े थे। इस दौरान कुछ मित्र देशों ने भी भारत से निर्धारित कीमत से कहीं अधिक पैसे लिए थे।

सरकार की तैयारी और रक्षा क्षेत्र का भविष्य

सरकार अब देश में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कदम उठा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य PSU कंपनियों को बढ़ावा देना और रक्षा क्षेत्र को और मजबूत बनाना है। इससे कंपनियों जैसे HAL, BEL, BDL, MDL और GRSE को लाभ होगा। इन कंपनियों के लिए भविष्य में अच्छे मुनाफे की संभावना जताई जा रही है, साथ ही ये देश की सुरक्षा के लिए भी अहम साबित हो सकती हैं।

यह भी पढ़ें : जमीन से आसमान तक भारत का प्रहार, अरब सागर में तैनात INS विक्रांत…

ये हैं भारत की प्रमुख रक्षा कंपनियाँ 

  1. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL): HAL के पास वर्तमान में 94,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर हैं। इसके पास अगले कुछ सालों के लिए बड़े ऑर्डर हैं, जिससे कंपनी की स्थिति मजबूत होगी।

  2. मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL): MDL के पास 40,400 करोड़ रुपये के ऑर्डर हैं, जिनमें बड़े युद्धपोतों और डिस्ट्रॉयर्स के ऑर्डर शामिल हैं। यह कंपनी देश की नौसेना को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

  3. गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE): GRSE के पास 25,230 करोड़ रुपये के ऑर्डर हैं, और यह कंपनी अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती जहाजों का निर्माण कर रही है।

  4. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL): BEL इलेक्ट्रॉनिक्स और रडार सिस्टम के निर्माण में माहिर है, और सरकार के नए एयर डिफेंस प्रोजेक्ट से इसका विकास जारी रहेगा।

  5. भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL): BDL गोला-बारूद और मिसाइल सिस्टम बनाने वाली प्रमुख कंपनी है और भविष्य में इसे बड़े प्रोजेक्ट्स से फायदा होगा।

इन कंपनियों के प्रयासों से भारत का रक्षा क्षेत्र और भी सशक्त बनेगा, जिससे देश की सुरक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा।

Exit mobile version