India US Historic Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रहा व्यापारिक तनाव अब एक बड़े समझौते में बदल गया है। हाल ही में दोनों देशों ने एक अहम ट्रेड डील की घोषणा की है, जिससे न सिर्फ रिश्तों में सुधार आया है बल्कि भारत के निर्यात को भी बड़ी राहत मिली है। अमेरिका पहले से ही भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है। वित्त वर्ष 2025 में भारत के कुल निर्यात का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका गया, जबकि भारत के कुल आयात में अमेरिका की हिस्सेदारी 6.3 प्रतिशत रही।
टैरिफ में कटौती से भारत को राहत
इस डील की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। इसके अलावा, रूस से तेल खरीदने पर भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ भी हटाया जा रहा है। यह कदम भारत के लिए बहुत फायदेमंद है क्योंकि इससे भारतीय सामान अमेरिकी बाजार में और सस्ता व प्रतिस्पर्धी हो जाएगा।
2030 तक व्यापार बढ़ाने का लक्ष्य
दोनों देशों के बीच मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार करीब 191 अरब डॉलर का है। इस समझौते के तहत लक्ष्य रखा गया है कि इसे 2030 तक बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक पहुंचाया जाए। ट्रंप के मौजूदा कार्यकाल की शुरुआत से ही इस व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही थी, जो अब जाकर पूरी हुई है।
एक साल में पांच बड़ी ट्रेड डील
पिछले एक साल में भारत ने कुल पांच अहम ट्रेड डील पूरी की हैं। अमेरिका से पहले भारत ने यूरोपियन यूनियन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर सहमति बनाई। इसके अलावा यूनाइटेड किंगडम, ओमान और न्यूजीलैंड के साथ भी व्यापारिक समझौते हो चुके हैं। यह भारत के आर्थिक इतिहास में पहली बार है जब उसने दुनिया के इतने बड़े व्यापारिक समूहों के साथ एक ही समय में मजबूत समझौते किए हैं।
ग्लोबल GDP और ट्रेड में मजबूत भागीदारी
अगर 2025 की वैश्विक जीडीपी को देखें, तो भारत, अमेरिका, यूरोपियन यूनियन, यूके, ओमान और न्यूजीलैंड मिलकर दुनिया की करीब 50 से 55 प्रतिशत अर्थव्यवस्था का प्रतिनिधित्व करते हैं। सिर्फ भारत और यूरोपियन यूनियन की हिस्सेदारी जोड़ दें, तो यह आंकड़ा लगभग 25 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। ग्लोबल ट्रेड में भी इन देशों की हिस्सेदारी करीब 38 से 40 प्रतिशत है।
पहले से मौजूद व्यापारिक रिश्ते
इन नई डील्स के अलावा भारत के पास पहले से ही कई देशों के साथ फ्री ट्रेड और क्षेत्रीय व्यापार समझौते हैं। इनमें जापान, दक्षिण कोरिया, आसियान देश, सार्क राष्ट्र, मॉरीशस, यूएई और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। कुल मिलाकर, भारत अब वैश्विक व्यापार के बड़े हिस्से में एक मजबूत और भरोसेमंद साझेदार बनकर उभर रहा है।
