भारत-अमेरिका युद्ध अभ्यास में M777 तोपों से लाइव फायरिंग की गई। वहीं रेलवे ने सोलापुर डिवीजन के 7 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग के लिए ₹200 करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है।
युद्ध अभ्यास में ताकत
भारत और अमेरिका की सेनाओं के संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास 2026’ में राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज पर M777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर तोपों से लाइव फायरिंग की गई। इस दौरान दोनों देशों के सैनिकों ने तोप संचालन और संयुक्त सैन्य कार्रवाई से जुड़ी क्षमताओं का प्रदर्शन किया।
M777 एक 155 मिमी/39 कैलिबर की हल्की हॉवित्जर तोप है। इसका वजन अपेक्षाकृत कम होने के कारण इसे पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में भी तैनात करना आसान माना जाता है। अभ्यास का उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच तालमेल और संयुक्त अभियान क्षमता को मजबूत करना है। अभ्यास में ड्रोन, काउंटर-ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और निगरानी क्षमताओं से जुड़े प्रशिक्षण भी शामिल हैं।
रेल सुरक्षा को मंजूरी
भारतीय रेलवे ने मध्य रेलवे के सोलापुर डिवीजन में 7 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग लगाने के लिए ₹209 करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। यह काम हाई डेंसिटी नेटवर्क-7 रूट पर किया जाएगा।
इस परियोजना में मोहोल, बाले, मुंधेवाड़ी, सोलापुर, होटगी जंक्शन-होटगी ए केबिन, वाडी जंक्शन और शाहाबाद स्टेशन शामिल हैं। इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग कंप्यूटर आधारित सिग्नलिंग व्यवस्था है, जो ट्रेनों के संचालन में पॉइंट और सिग्नल को नियंत्रित करने में मदद करती है। इससे खराबी का पता लगाने और उसे ठीक करने की प्रक्रिया भी तेज हो सकती है।
कवच से जुड़ी व्यवस्था
इन रेलवे स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग के साथ कवच जैसी आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करने में मदद मिलेगी। कवच भारत की स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन प्रणाली है, जो खतरे की स्थिति में ट्रेन को नियंत्रित करने और लाल सिग्नल पार करने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए डिजाइन की गई है।

