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Indian Army Jawan Funeral: दिल दहलाने देने वाला दृश्य, बेटी ने जन्म लेते ही शहीद पिता को दी अंतिम विदाई

Indian Army Jawan Funeral: महाराष्ट्र के सतारा जिले के दरे गांव में एक ऐसी घटना हुई, जिसने पूरे इलाके को गहरे दुख में डुबो दिया। भारतीय सेना के जवान प्रमोद परशुराम जाधव का उनके पैतृक गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। यह दृश्य हर किसी की आंखें नम करने वाला था। एक ओर घर में नई जिंदगी ने जन्म लिया था, तो दूसरी ओर परिवार ने अपना सहारा खो दिया।

प्रमोद जाधव भारतीय सेना में सिकंदराबाद–श्रीनगर सेक्टर में तैनात थे। उनकी मां का पहले ही निधन हो चुका था। पत्नी गर्भवती थीं, इसलिए वे करीब आठ दिन पहले छुट्टी लेकर गांव आए थे, ताकि बच्चे के जन्म के समय परिवार के साथ रह सकें। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

सड़क हादसे में गई जवान की जान

शनिवार को प्रमोद किसी निजी काम से मोटरसाइकिल पर जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रहे एक आयशर टेंपो ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि प्रमोद की मौके पर ही मौत हो गई। यह खबर फैलते ही पूरे दरे गांव और पारली घाटी में शोक की लहर दौड़ गई। गांव वालों को यकीन ही नहीं हो पा रहा था कि जो जवान कुछ दिन पहले ही हंसते हुए छुट्टी पर आया था, वह अब कभी लौटकर नहीं आएगा।

बेटी के जन्म के बाद पिता को अंतिम विदाई

रविवार को जब प्रमोद जाधव का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, उसी दिन उनकी पत्नी ने अस्पताल में एक नन्ही बेटी को जन्म दिया था। अंतिम संस्कार से पहले पत्नी और कुछ ही घंटों की नवजात बच्ची को प्रमोद के अंतिम दर्शन के लिए लाया गया। पिता के पार्थिव शरीर के पास उसकी नवजात बेटी को देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं। यह पल इतना भावुक था कि शब्दों में बयां करना मुश्किल था।

पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

शहीद जवान प्रमोद जाधव का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। प्रशासन के अधिकारी, सेना के जवान, पूर्व सैनिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम विदाई देने पहुंचे। सेना की टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया और हवा में गोलियां दागकर सलामी दी। हर चेहरा गम से भरा हुआ था, लेकिन साथ ही गर्व भी था कि गांव का बेटा देश की सेवा करते हुए हमेशा याद रखा जाएगा।

गांव और देश भर में शोक

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद देश भर से लोग परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं जता रहे हैं। गांव वालों का कहना है कि प्रमोद जाधव बेहद मिलनसार, जिम्मेदार और कर्तव्यनिष्ठ सैनिक थे। उनका इस तरह अचानक चला जाना न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। बेटी के जन्म और पिता की विदाई का यह दर्दनाक संयोग लंबे समय तक लोगों के दिलों में रहेगा।

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