Indian Captain Dies on Ship: झारखंड के रांची में रहने वाले 47 वर्षीय मर्चेंट नेवी कैप्टन Rakesh Ranjan Singh की मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया है। वह ‘अवाना’ नाम के जहाज पर लंबी यात्रा के लिए निकले थे, लेकिन हालात ऐसे बने कि वह वापस घर नहीं लौट पाए।
युद्ध जैसे हालात में फंसा जहाज
बताया जा रहा है कि उनका जहाज Strait of Hormuz के पास फंस गया था। उस समय इलाके में Iran Israel US tensions के चलते हालात काफी तनावपूर्ण थे। इसी वजह से जहाज आगे नहीं बढ़ पा रहा था और कई दिनों तक वहीं रुका रहा।
अचानक बिगड़ी तबीयत
परिजनों के मुताबिक, 18 मार्च को कैप्टन राकेश रंजन की तबीयत अचानक खराब हो गई। शुरुआती जानकारी में दिल का दौरा पड़ने की बात सामने आई है। जहाज पर मौजूद अधिकारियों ने तुरंत मदद के लिए दुबई एयर ट्रैफिक कंट्रोल से एयर एम्बुलेंस की मांग की।
समय पर नहीं मिल सकी मदद
लेकिन उस समय इलाके में चल रहे तनाव और सुरक्षा कारणों से एयर एम्बुलेंस भेजने की अनुमति नहीं मिल सकी। इसके बाद उन्हें नाव के जरिए दुबई के तट तक लाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने में काफी देर हो गई।
अस्पताल पहुंचते ही घोषित किया मृत
जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना है कि अगर समय पर इलाज मिल जाता, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी।
अधूरा रह गया परिवार से किया वादा
कैप्टन राकेश रंजन ने घर से निकलने से पहले अपने परिवार से वादा किया था कि इस यात्रा से लौटने के बाद वह सभी को अयोध्या में Ram Mandir Ayodhya के दर्शन कराने ले जाएंगे। लेकिन यह वादा अधूरा ही रह गया।
परिवार में पसरा मातम
उनकी पत्नी और एक बेटा रांची में रहते हैं, जबकि दूसरा बेटा बेंगलुरु में पढ़ाई कर रहा है। इस घटना के बाद पूरा परिवार सदमे में है और गहरे दुख में डूबा हुआ है।
शव लाने में हो रही देरी
20 मार्च 2026 तक उनका पार्थिव शरीर दुबई के Sheikh Rashid Hospital के मॉर्चरी में रखा हुआ है। ईद की छुट्टियों के कारण शव को भारत लाने में देरी हो रही है। परिवार ने सरकार से मदद की अपील की है।
मूल रूप से बिहार के थे निवासी
कैप्टन राकेश रंजन सिंह बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले थे, लेकिन परिवार के साथ रांची में बस गए थे। वह अपने पीछे पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं।






