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Railway Luggage Rules रेलवे ने तय की सीमा, कितना सामान ले जाना है फ्री, वजन बढ़ा तो कितना लगेगा जुर्माना जानें नियम

अगर आप आने वाले दिनों में ट्रेन से सफर करने वाले हैं, तो घर से निकलने से पहले अपने बैग और सूटकेस का वजन जरूर जांच लें। भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए सामान को लेकर नियम तय किए हैं। इनमें हर क्लास के हिसाब से यह निर्धारित किया गया है कि यात्री कितना सामान बिना अतिरिक्त शुल्क के अपने साथ ले जा सकता है।

अक्सर यात्री जरूरत से ज्यादा सामान लेकर ट्रेन में पहुंच जाते हैं। इससे कोच में दूसरे यात्रियों को परेशानी होती है और सामान रखने की जगह भी कम पड़ सकती है। इसी वजह से रेलवे ने फ्री लगेज लिमिट तय कर रखी है।

अलग-अलग क्लास में अलग सीमा

रेलवे के नियमों के मुताबिक ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्री को अपनी टिकट की श्रेणी के अनुसार एक निश्चित वजन तक सामान ले जाने की छूट मिलती है। यह सीमा हर क्लास में अलग होती है।

फर्स्ट क्लास में यात्री को सबसे ज्यादा सामान मुफ्त ले जाने की अनुमति होती है। वहीं, एसी फर्स्ट क्लास, एसी सेकेंड क्लास, एसी थर्ड क्लास, स्लीपर और सामान्य श्रेणी में मुफ्त सामान की सीमा अलग-अलग निर्धारित है।

इसलिए यात्रा से पहले यह देखना जरूरी है कि आपकी टिकट किस श्रेणी की है और उस श्रेणी में सामान की निर्धारित सीमा कितनी है।

ज्यादा सामान पर देना होगा शुल्क

अगर चेकिंग के दौरान यात्री के पास तय सीमा से ज्यादा सामान मिलता है, तो रेलवे अतिरिक्त सामान के लिए शुल्क वसूल सकता है। ज्यादा लगेज को बिना शुल्क के ट्रेन में ले जाने की छूट नहीं होती।

रेलवे जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त सामान को बुक कराने की सुविधा भी देता है। यानी अगर किसी यात्री के पास तय सीमा से ज्यादा सामान है, तो उसे रेलवे के नियमों के अनुसार पहले से सामान बुक कराना बेहतर रहता है।

जुर्माने से बचने का आसान तरीका

यात्रा के समय परेशानी और अतिरिक्त भुगतान से बचने के लिए सबसे अच्छा तरीका है कि सामान को पहले ही तौल लिया जाए। अगर वजन निर्धारित सीमा से ज्यादा है, तो अतिरिक्त लगेज की बुकिंग करा सकते हैं।

खास तौर पर परिवार के साथ लंबी यात्रा करने वालों को इस नियम का ध्यान रखना चाहिए। ज्यादा सामान लेकर सीधे ट्रेन में पहुंचने पर चेकिंग के दौरान अतिरिक्त शुल्क या पेनाल्टी का सामना करना पड़ सकता है।

रेलवे का उद्देश्य यात्रियों के लिए कोच में पर्याप्त जगह बनाए रखना और जरूरत से ज्यादा सामान ले जाने की समस्या को नियंत्रित करना है। इसलिए टिकट की क्लास के हिसाब से तय मुफ्त सामान सीमा का पालन करना ही बेहतर है।

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