Indian Railway Rules: किसी परिचित को ट्रेन में बैठाने स्टेशन पहुंचे एक व्यक्ति ने वैध प्लेटफॉर्म टिकट खरीदा था। जांच के दौरान उसने टिकट टीटीई को दिखाया, लेकिन इसके बावजूद उस पर ₹500 का जुर्माना लगा। वजह थी कि वह टिकट की निर्धारित वैधता खत्म होने के बाद भी प्लेटफॉर्म पर मौजूद था।
दो घंटे के लिए वैध होता है टिकट
दिए गए विवरण के मुताबिक, प्लेटफॉर्म टिकट जारी होने के समय से दो घंटे तक मान्य होता है। टिकट पर तारीख के साथ जारी होने का समय भी दर्ज रहता है। यह अवधि पूरी होने के बाद टिकट अमान्य माना जा सकता है और व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
इसलिए अगर ट्रेन लेट हो जाए और आपको स्टेशन पर ज्यादा देर रुकना पड़े, तो टिकट की वैधता जरूर जांचें।
भीड़ नियंत्रित करने के लिए नियम
रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों और उनके साथ आने वाले लोगों की भीड़ को नियंत्रित करना इस व्यवस्था का एक उद्देश्य है। कई बार परिवार के कई सदस्य ट्रेन के काफी पहले स्टेशन पहुंच जाते हैं और लंबे समय तक प्लेटफॉर्म पर रुके रहते हैं। इससे यात्रियों की आवाजाही और सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
लापरवाही पड़ सकती है भारी
प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत कम होने के बावजूद उसकी वैधता को नजरअंदाज करना महंगा पड़ सकता है। अगर किसी वजह से दो घंटे से ज्यादा स्टेशन पर रुकना जरूरी हो, तो टिकट की वैधता और लागू नियमों की पुष्टि कर लेना बेहतर है। इससे अनावश्यक जुर्माने से बचा जा सकता है।
