Cheaper Cooking Option: तेल बाजार का असर रसोई तक, लोग इंडक्शन चूल्हे की ओर बढ़े, जानिए बिजली और गैस में कौन सस्ता?

तेल बाजार में अनिश्चितता के बीच लोग एलपीजी की जगह इंडक्शन चूल्हे का विकल्प देख रहे हैं। एक घंटे खाना बनाने पर बिजली और गैस में कितना खर्च आता है, इसका सरल गणित समझना जरूरी है।

Induction Stove Vs LPG Cylinder: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव का असर अब ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और इसका असर धीरे-धीरे घरेलू रसोई तक पहुंच सकता है। इसी वजह से कई लोग अब एलपीजी गैस के विकल्प के रूप में इंडक्शन चूल्हे की तरफ ध्यान दे रहे हैं। बहुत से लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर इंडक्शन पर खाना बनाना सस्ता पड़ता है या गैस सिलेंडर का इस्तेमाल ज्यादा फायदेमंद है।

इस सवाल का जवाब समझने के लिए हमें बिजली की खपत और गैस के खर्च का आसान गणित देखना होगा।

इंडक्शन चूल्हे की बिजली खपत

अधिकतर इंडक्शन चूल्हे 1200 वॉट से लेकर 2000 वॉट तक की क्षमता के होते हैं। इन पर खाना बनाने में कितनी बिजली खर्च होगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि चूल्हे की पावर कितनी है और उसे किस तापमान पर चलाया जा रहा है। मान लें कि आपके पास 2000 वॉट का इंडक्शन चूल्हा है और आप उसे अधिकतम पावर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में यह एक घंटे में करीब दो यूनिट बिजली खर्च कर सकता है। यानी अगर आप रोज एक घंटे इंडक्शन पर खाना बनाते हैं, तो उसी हिसाब से बिजली की खपत बढ़ेगी।

बिजली का खर्च कैसे समझें

अब मान लेते हैं कि आपके इलाके में बिजली की दर लगभग 8 रुपये प्रति यूनिट है।
अगर एक घंटे में दो यूनिट बिजली खर्च होती है, तो इसका गणित बहुत आसान है।

2 यूनिट × 8 रुपये = 16 रुपये।

इसका मतलब है कि इंडक्शन चूल्हे पर एक घंटे खाना बनाने का खर्च लगभग 16 रुपये के आसपास आएगा। यह खर्च आपके इलाके की बिजली दर के हिसाब से थोड़ा कम या ज्यादा भी हो सकता है।

एलपीजी गैस पर कितना खर्च

अब गैस सिलेंडर का हिसाब भी समझ लेते हैं। भारत में घरों में आम तौर पर 14.2 किलो का एलपीजी सिलेंडर इस्तेमाल होता है। मान लें कि इस सिलेंडर की कीमत करीब 913 रुपये है।

अगर हम एक किलो गैस की कीमत निकालें तो

913 ÷ 14.2 = लगभग 64.29 रुपये प्रति किलो।

अब गैस की खपत पर ध्यान दें। एक सामान्य दो बर्नर वाले गैस चूल्हे में अगर दोनों बर्नर चल रहे हों तो करीब 0.30 किलो गैस एक घंटे में खर्च हो सकती है।

ऐसे में गणित होगा
0.30 × 64.29 = लगभग 19.28 रुपये।

यानी अगर गैस चूल्हा लगातार एक घंटे तक चलता है तो करीब 19 से 20 रुपये की गैस खर्च हो सकती है।

बाजार में बढ़ी इंडक्शन की मांग

दिल्ली के बाजारों में इन दिनों इंडक्शन चूल्हों की मांग अचानक बढ़ गई है। घरों के साथ-साथ रेस्तरां, कैंटीन और ढाबों में भी इन्हें खरीदा जा रहा है।

भागीरथ पैलेस के एक थोक कारोबारी के अनुसार पहले महीने में मुश्किल से दो या तीन इंडक्शन चूल्हे बिकते थे, लेकिन अब सिर्फ तीन दिनों में ही 10 से ज्यादा यूनिट बिक चुके हैं। व्यापारियों का कहना है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो आने वाले दिनों में इनकी मांग और बढ़ सकती है। ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइटों पर भी इंडक्शन चूल्हों का स्टॉक तेजी से खत्म होने लगा है।

ज्यादा पावर वाले मॉडल की डिमांड

चांदनी चौक के कारोबारियों के मुताबिक बाजार में इंडक्शन चूल्हों की कीमत लगभग 1200 रुपये से लेकर 4000 रुपये तक है। 1900 वॉट और 2200 वॉट जैसे ज्यादा पावर वाले इंडक्शन चूल्हों की मांग सबसे ज्यादा देखी जा रही है। इन्हें होटल, ढाबे और कैंटीन में भी आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है।

हालांकि घरों के लिए 1200 से 1500 वॉट वाले इंडक्शन चूल्हे भी पर्याप्त माने जाते हैं।

गैस आपूर्ति को लेकर आश्वासन

इस बीच गैस आपूर्ति को लेकर भी लोगों के मन में चिंता देखी जा रही है। इसी कारण गैस कंपनी आईजीएल ने उपभोक्ताओं को मोबाइल संदेश भेजकर भरोसा दिलाया है कि पीएनजी गैस की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है और इसकी सप्लाई बाधित नहीं होगी।

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