(मोहसिन खान) नोएडा डेस्क। पाकिस्तान के अटक शहर में सिंधु नदी में सोने का खजाना मिलने का दावा किया जा रहा है 28 लाख टन गोल्ड रिजर्व खोजने का दावा किया जा रहा है इसकी कीमत करीब 80000 करोड़ पाकिस्तानी रुपए है जो भारत की करेंसी में करीब 25000 करोड़ के आसपास बनती है। तंगहाली और फांकेकशी की हालातों से गुजर रहे पाकिस्तान के लिए हिंदुस्तान की सिंधु नदी जीवन दायिनी बनकर सामने आई है दरअसल दावा किया जा रहा है कि सिंधु नदी (Indus River gold) में पाकिस्तान में सोने का अकूत भंडार मिला है।
दरअसल पाकिस्तान के पंजाब सरकार के खनन मंत्री रहे इब्राहिम हसन मुराद ने बताया था कि सिंधु के किनारे बसे अटक शहर के कुछ लोग मशीनों से खुदाई कर रहे थे जब लोगों से पूछताछ की गई तो पता चला कि यहां सोना तलाश कर रहे हैं उसके बाद इलाके में धारा 144 लागू करके खुदाई पर पाबंदी लगा दी गई इसके बाद 20 जनवरी 2025 को पंजाब प्रांत की सरकार के मौजूदा खनन मंत्री शेर अली गोर्चानी ने भी पंजाब प्रांत के अटक जिले में 32 किलोमीटर के इलाके में करीब 28 लाख टन सोना मौजूद होने का दावा किया लेकिन अटक में इतना बड़ा गोल्ड रिजर्व कैसे बना ये अपने आप में एक बड़ा सवाल है।
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माना जाता है कि करीब 5 करोड़ साल पहले भारत और यूरेशिया के नीचे की टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव से हिमालय बनना शुरू हुआ इसी दौरान चट्टानों से सोना (Indus River gold) और बाकी मिनरल्स भी अलग हुए तिब्बत के पहाड़ों में मानसरोवर झील से निकलने वाली हिमालय नदी सिंधु में यह धातु में चट्टानों के टुकड़े और गोल्ड जैसे बाकी मिनरल्स एक एक कर तली में बैठते चले गए मैदानी इलाकों में सिंधु नदी की गति धीमी हुई इसलिए इकट्ठा होकर कर ये नदी के तली में बैठ गए इस प्लेसर डिपॉजिट कहा जाता है इसी को प्लेसर गोल्ड कहते हैं यही पाकिस्तान के अटक में मिला है।
इस खजाने का बहुत बड़ा ताल्लुक भारत से है दरअसल सिंधु नदी मानसरोवर से निकलने के बाद पाकिस्तान से पहले भारत के लेह लद्दाख इलाके से गुजरती है लद्दाख से गुजरने के दौरान ही सिंधु में सोने के कण मौजूद हो सकते हैं लेकिन वहां पहाड़ी रास्तों के चलते नदी का बहाव तेज है इसलिए बहुत कम प्लेसर डिपॉजिट बन पाता है इतने दुर्गम जगह पर इसे निकाल भी नहीं जा सकता पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में एक महीने के आयात का भी पैसा नहीं बचा ऐसे में इस गोल्ड रिजर्व से पाकिस्तान के हालात बदल सकते है।