Site icon News1India

जैश के सबसे बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश, 2,900 किलो विस्फोटक के साथ पड़के गए 7 स्पेशलिस्ट गुनहगार

नई दिल्ली ऑनलाइन डेस्क। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकवाद पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान की खूफिया एजेंसी आईएसआई और जैश-ए-मोहम्मद की कमर को तोड़कर रख दिया था। पुलिस ने आतंकी संगठन जैश अंसर गजवात-उल-हिंद से जुड़े एक अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय आतंक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने सात स्पेशलिस्ट गुनहगारों को दबोचा है, जिसमें तीन डॉक्टर शामिल हैं। एक लेडी डॉक्टर की गिरफ्तारी की खबर निकल कर सामने आई है। उनके कब्जे से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने श्रीनगर, अनंतनाग, गंदेरबल, शोपियां, फरीदाबाद (हरियाणा) और सहारनपुर (यूपी) में समन्वित तलाशी ली, जहां से 2,900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री, दो एके 47-राइफलें, दो पिस्तौलें और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुआ। जम्मू-कश्मीर पुलिस के इस बड़े एक्शन में तीन डॉक्टरों समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 2900 किलोग्राम आईईडी बनाने की सामग्री के अलावा कई अन्य दस्तावेज पुलिस ने बरामद किए हैं। सूत्रों की मानें तो जम्मू-कश्मीर की पुलिस ने सहारनपुर से एक लेडी डॉक्टर को भी अरेस्ट किया है। पुलिस लेडी डॉक्टर को कश्मीर लेकर चली गई है। लेडी डॉक्टर को पूरे नेटवर्क का सरगना बताया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, 19 अक्तूबर 2025 को श्रीनगर के बुनपोरा, नौगाम में कई जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर लगाए गए थे, जिनमें पुलिस और सुरक्षाबलों को धमकाया गया था। इसके बाद एफआईआर संख्या 162/2025 दर्ज की गई और जांच शुरू हुई. जांच में यह सामने आया कि यह नेटवर्क शिक्षित और पेशेवर युवाओं से जुड़ा था और विदेशी संपर्कों के माध्यम से संचालित हो रहा था। जांच में पता चला कि यह समूह एन्क्रिप्टेड चैनलों के जरिए भर्ती, समन्वय, धन-संग्रह और लॉजिस्टिक्स का काम करता था। धनराशि पेशेवर और शैक्षणिक नेटवर्क के माध्यम से, सामाजिक या धर्मार्थ कारणों का बहाना बनाकर जुटाई जा रही थी।

पुलिस की जांच में सामने अया है कि आरोपी आतंकवाद के लिए लोगों की पहचान, उन्हें कट्टर बनाने और हथियार/आइईडी बनाने के लिए सामग्री जुटाने में जुड़ा हुआ पाए गया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी बड़े पैमाने पर आतंकी साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे। आतंकियों ने लखनऊ के अलावा देश के कई शहरों की रेकी भी की थी। फिलहाल जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े सात के अलावा इनके 53 सहयोगियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है पकड़े गए आरोपी जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन से जुड़े थे। आईएसआई भी इन्हें मदद कर रही थी।

बता दें, बीते कईदिनों से जम्मू-कश्मीर पुलिस आतंकवाद के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चलाए हुए है। इसी कड़ी में श्रीनगर पुलिस ने तीन बाइक सवार युवकों को अरेस्ट किया था। इनमें से एक युवक मेरठ का रहने वाला था। पकड़ा गया युवक भी जैश से जुड़ा था। इसी के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस की कई टीमें उत्तर प्रदेश के अलावा देश के अन्य शहरों में ऑपरेशन लॉन्च किया। पुलिस ने जांच के दौरान श्रीनगर, अनंतनाग, गांदरबल, शोपियां, फरीदाबाद और सहारनपुर में संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। इसी कडी में फरीदाबाद में बारूद का जखीरा पुलिस ने बरामद किया। फिलहाल एनआईए और एटीएस की टीमें भी ऑपरेशन में जुट गई है।

पुलिस ने इन्हें किया अरेस्ट

आरिफ निसार दर साहिल, नौगाम, श्रीनगर
यासिर-उल-आशरफ, नौगाम, श्रीनगर
मकसूद अहमद दर शाहिद, नौगाम, श्रीनगर
मौलवी इरफान अहमद, शोपियां
जमीर अहमद आहंगर मुत्लाशा, वाकुरा, गांदरबल
डॉ. मुजम्मिल अहमद गनाई मुसायब, कोइल, पंपोर
डॉ. आदिल, वानपोरा, कुलगाम

 

Exit mobile version