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Bus Tragedy : महोबा जा रही स्लीपर बस में लगी थी आग, महिला ने बताया वह कैसे बची, क्यों नहीं बच पाया उसका पति

Jewar Sleeper Bus Fire: महोबा जा रही स्लीपर बस में यमुना एक्सप्रेसवे पर आग लगने से 9 यात्रियों की मौत हो गई। हादसे में घायल हरियाणा की एक महिला ने अस्पताल में घटना की आंखों देखी कहानी बताई। महिला का इलाज जेवर के आरोग्य अस्पताल में चल रहा है।

महिला के मुताबिक, वह दिल्ली से बस में सवार हुई थी। हादसे के वक्त ज्यादातर यात्री सो रहे थे। अचानक बस रुक गई और कुछ ही देर में उसके अंदर धुआं फैलने लगा।

अचानक बस में फैला धुआं

महिला ने बताया कि उसकी सीट आगे से करीब चौथे नंबर पर थी। अचानक उसे बस में धुआं दिखाई दिया। उसके मुताबिक, आग बस के आगे वाले हिस्से से लगी थी।

धुआं तेजी से फैलने के कारण यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। महिला भी गिर गई। उन्होंने बताया कि कई यात्री उनके ऊपर से निकलकर बाहर की तरफ भागे। करीब 20 से 25 लोग किसी तरह बस से बाहर निकल पाए।

पति को नहीं मिल सका मौका

महिला ने बताया कि वह नीचे वाली बर्थ पर थी और उसके पति का पैर पहले से टूटा हुआ था। आग और धुएं के बीच उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।

उन्होंने कहा कि बस के अंदर इतना धुआं भर गया था कि उनका भी दम घुटने लगा था। वह किसी तरह बाहर निकल आईं, लेकिन उनके पति बस से बाहर नहीं आ सके।

महिला ने यह भी कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है कि हादसे के समय ड्राइवर और कंडक्टर सिगरेट पी रहे थे या नहीं। हादसे के वक्त ज्यादातर लोग सो रहे थे, इसलिए वह इस बारे में कुछ नहीं देख सकीं।

बस में था एक ही दरवाजा

घटना के बाद बस का निरीक्षण किया गया। बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। बताया गया कि बस में आने-जाने के लिए एक ही मुख्य दरवाजा था। ऊपरी हिस्से में कई यात्री सो रहे थे।

बताया गया कि बस में करीब 35 यात्री सवार थे। आग यमुना एक्सप्रेसवे पर 33 किलोमीटर के माइलस्टोन के पास लगी। आग लगने की वास्तविक वजह अभी जांच का विषय है।

गैस कटर से निकाले यात्री

अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था राजीव नारायण मिश्र के मुताबिक, आग लगने के बाद बस में धुआं भर गया था। कुछ यात्री धुएं के कारण बेहोश हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत ठीक बताई गई।

हादसे के समय कुछ यात्री सो रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया।

पहचान में जुटी पुलिस

बचाव दल ने बस के शीशे तोड़े और गैस कटर की मदद से बस के हिस्सों को काटकर अंदर फंसे यात्रियों और शवों को बाहर निकाला। हादसे में 9 लोगों की मौत हुई है।

कुछ मृतकों की पहचान हो चुकी है, जबकि बाकी की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों को सूचना देने की कोशिश कर रही है। आग किस वजह से लगी और हादसे के दौरान क्या हुआ, इसकी जांच की जा रही है।

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