Kanwar Tragedies: मंगलवार को जहां भगवान शिव का प्रिय पर्व शिवरात्रि पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा था, वहीं हरियाणा के कई परिवारों में अचानक मातम पसर गया। सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक कांवड़ यात्रा के दौरान अलग-अलग घटनाओं में मां-बेटे समेत सात कांवड़ियों की मौत हो गई। इनमें हिसार, पानीपत, रोहतक, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर के कांवड़िये शामिल हैं। किसी की जान सड़क हादसे में गई, तो किसी ने शिविर में विश्राम के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, एक कांवड़िये की करंट लगने और अन्य की तबीयत बिगड़ने से मौत हुई।
मां-बेटे की मौत
यमुनानगर के गांव रादौरी निवासी 17 वर्षीय पीयूष अपनी 35 वर्षीय मां संजना के साथ हरिद्वार से गंगाजल लेकर बाइक से घर लौट रहा था। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे सहारनपुर के भगवानपुर रोड पर गांव नागल अहीर के पास पीछे से आ रहे डाक कांवड़ियों के ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए देहरादून के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान मां-बेटे दोनों की मौत हो गई।
किशोरी ने गंवाई जान
मुजफ्फरनगर में दिल्ली-रुड़की हाईवे पर भी कांवड़ यात्रा के दौरान दर्दनाक हादसा हुआ। कुरुक्षेत्र निवासी दादा और उनकी 16 वर्षीय पोती शिवानी बाइक से कांवड़ लेकर लौट रहे थे। इसी दौरान एक कैंटर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। दुर्घटना में शिवानी की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने घटना की जानकारी जुटाकर आगे की कार्रवाई शुरू की। इस हादसे ने परिवार की शिवरात्रि की खुशियों को मातम में बदल दिया।
दौड़ते कांवड़िये की मौत
पानीपत के समालखा निवासी 17 वर्षीय पवन उर्फ शुक्ला डाक कांवड़ के जत्थे के साथ हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहा था। शामली में शिव चौक के पास वह दौड़ लगा रहा था। इसके बाद उसने गंगाजल दूसरे कांवड़िये को दिया और बाइक पर बैठने की कोशिश की। इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह जमीन पर गिर पड़ा। पुलिसकर्मी उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। साथियों के अनुसार, पवन को पहले भी दौरे पड़ते थे। डॉक्टर ने मौत की संभावित वजह हार्ट फेल होना बताया।
शिविर और करंट से मौत
हरिद्वार से लौट रहे शाहाबाद क्षेत्र के गांव तंगौर निवासी कांवड़िये गुरमीत की भी शिविर में विश्राम के दौरान मौत हो गई। बताया गया कि उसकी हृदय गति रुकने से जान गई। वहीं हिसार में वन विभाग की आवासीय कॉलोनी स्थित शिव मंदिर में 32 वर्षीय मुकंदी की करंट लगने से मौत हो गई। वह अपने दोस्तों के साथ हरिद्वार से झूला कांवड़ लेकर लौटा था। मंगलवार सुबह शिवालय पर कांवड़ चढ़ाते समय उसका पैर बिजली की लाइन के संपर्क में आ गया। करंट का झटका लगने के बाद वह छत पर गिर पड़ा। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
फौजी की भी मौत
रोहतक के गांव मायना निवासी 30 वर्षीय सचिन पंघाल भारतीय सेना में मेघालय के शिलांग में तैनात थे। छुट्टी पर घर आने के बाद वह दोस्तों के साथ डाक कांवड़ लेने हरिद्वार गए थे। मुजफ्फरनगर के पास रात में दौड़ते समय उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद वह गाड़ी में लेट गए, लेकिन काफी देर तक नहीं उठे। साथियों ने उन्हें रोहतक के पीजीआईएमएस पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, मामला हार्ट अटैक से जुड़ा बताया गया। लगातार सामने आई इन घटनाओं ने कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और स्वास्थ्य सावधानियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
