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मिलिए रियल के ‘शहंशाह’ से, जो PAK आतंकियों का कर रहा एनकाउंटर, हाफिज सईद के भतीजे के बाद अब मुफ्ती को भी ठोका

नई दिल्ली ऑनलाइन डेस्क।  अंधेरी रातो में सुनासन रहो पर, हर ज़ुल्म मिताने को एक मसीहा निकलता है जिसे लोग शहंशाह कहते हैं। 90 के दशक में टीनू आनंद द्वारा निर्देशित फिल्म शहंशाह का किरदार अभिताभ बच्चन ने निभाया था। जब रात के अंधेरे में गुप्त नायक शहंशाह गरीबों की मदद करता है और अपराधियों को चुनचुन कर ठिकाने लगाता है। जिसके खौफ से मुख्तार सिंह जैसा बदमाश अपनी सारी बदमाशी छोड़ भैंसों का तबेला चलाने लगता है। लेकिन अब कुछ ऐसा ही नजारा पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में देखने को मिल रहा है। यहां रियल लाइफ का शाहंशाह पाक आतंकियों का चुन-चुन कर एनकाउंटर कर रहा है। जिसके कारण आतंकी खौफ से थर-थर कांप रहे हैं।

पाक में मारा गया आतंकी अबू कताल

ताजा हमला लश्कर-ए-तैयबा के चीफ हाफिज सईद के भतीजे मोस्ट वांटेड आतंकी अबू कताल के साथ हुआ। मोस्ट वांटेड आतंकी अबू कताल शनिवार को अपनी कार पर सवार होकर जा रहा था। लाहौर स्थिज झेलक में इलाके में साइकसवारों ने कार पर ओपन फायर कर दिया। इस हमले में अबू कताल मारा गया, जबकि कार में मौजूद हाफिज सईद घायल हुआ था। बाद में उसकी भी जान चली गई। हालांकि इन दावों का खंडन कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अबू कताल के साथ कार में एक और शख्स बैठा था। बाइकसवारों ने करीब 20 से 25 राउंड फायरिंग की। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फायरिंग में कार सवार दोनों लोगों की मौत हो गई है। पाक मीडिया दावा कर रहा है कि कार में मरने वाला दुसरा शख्स आतंकी अबू कताल का बाडीगार्ड था।

मारा गया आतंकी हाफिज सईद का भतीजा

अबू कताल 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का भतीजा बताया जा रहा है। कताल एलईटी का अहम सदस्य था और जम्मू-कश्मीर में कई हमलों की साजिश रचने के लिए जाना जाता था। जून 2024 को आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर में शिव खोड़ी से कटरा जा रही बस पर ओपन फायर किया था। हमले में ड्राइवर घायल हुआ था और उसका बस से कंट्रोल खो गया था। इसके चलते बस खाई में गिर गई। 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 33 लोग घायल हो गए थे। इस हमले की साजिश में कताल का नाम आया था।

अबू कताल का नाम चार्जशीट में शामिल

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने 2023 के राजौरी हमले में अबू कताल का नाम अपनी चार्जशीट में शामिल किया था। 1 जनवरी 2023 को राजौरी जिले के धंगरी गांव में एक आतंकी हमले में आम नागरिकों को निशाना बनाया गया था। अगले दिन, एक एलईडी विस्फोट भी हुआ। इन हमलों में सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो बच्चे भी शामिल थे, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। एनआईए ने इस मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा के तीन और आतंकी भी शामिल थे।

तीनों को जिम्मेदारी दी गई थी कि वे

एनआईए ने अपनी चार्जशीट में जिन तीन आतंकियों के नाम हैं, वे हैं, अबू कताल, सैफुल्लाह उर्फ साजिद जट्ट (जो अली, हबीबुल्लाह और नोमान समेत कई और नामों से भी जाना जाता था) और मोहम्मद कासिम के रूप में की गई थी। अबू कताल और साजिद जट्ट पाकिस्तानी नागरिक थे, जबकि मोहम्मद कासिम भारतीय था और 2002 के आसपास पाकिस्तान चला गया था। वहां जाकर वह लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हो गया था। एनआईए की जांच में खुलासा हुआ कि इन तीनों को जिम्मेदारी दी गई थी कि वे लश्कर-ए-तैयबा में पाकिस्तानी आतंकियों की भर्ती कराएंगे और उन्हें जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए तैनात करेंगे।

हाई प्रोफाइल हत्या को अंजाम दिया गया

पाकिस्तान के क्वेटा में एक और हाई प्रोफाइल हत्या को अंजाम दिया गया है। अज्ञात हमलावरों ने जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के एक वरिष्ठ नेता की गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना क्वेटा के एयरपोर्ट रोड पर हुई। जमीयत के नेता मुफ्ती अब्दुल बाकी नूरजई पर हमलावरों ने फायरिंग की। पुलिस का कहना है कि इस हमले में वह बुरी तरह से घायल हो गए, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान मुफ्ती की मौत हो गई। सुरक्षाबलों ने इस हमले की जांच शुरू कर दी है।

जमात-उद-दावा का डिप्टी चीफ भी था मक्की 

मुंबई हमले के मास्टरमाइंड आतंकी अब्दुल रहमान मक्की की पिछले साल दिसंबर में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई है। अब्दुल मक्की आतंकी हाफिज सईद का रिश्तेदार और आतंकी संगठन जमात-उद-दावा का डिप्टी चीफ भी था। 2023 में संयुक्त राष्ट्र ने उसे ग्लोबल आतंकी घोषित किया था। सूत्र बताते हैं कि मक्की को जहर की इंजेक्शन देकर मारा गया था। पाक आर्मी ने फजीहत से बचने के लिए मौत का कार्ड हार्टअटैक बताया था। मक्की हाफिज सईद का रिश्तेदार था। भारत सरकार की तरफ से उस पर लाखों का इनाम था।

आतंकवादियों की अज्ञात हमलावरों ने हत्या की

पाकिस्तान में अभी तक दो दर्जन से ज्यादा आतंकवादियों की अज्ञात हमलावरों ने हत्या की है। अगर 2023 की बात करें तो गुमनाम हमलावर ने दाऊद मलिक, शाहिद लतीफ, मुहम्मद रियाज, जिया उर रहमान, सुखदूल सिंह (खालिस्तानी आतंकवादी), अबू कासिम कश्मीरी, सरदार हुसैन अरायन, सैयद नूर शालोबार बशीर अहमद पीर, सैय्यद खालिद रजा, अय्याज अहमद अहंगार, हरविंदर सिंह संधू गुमनाम हमलावर की गोलियों का शिकार हुए। जबकि 2022 में जहूर मिस्त्री को भी गोलियों से भून दिया गया था। 2022 में ही सलीम रहमानी को अज्ञात हमलावर ने ढेर कर दिया था।

परमजीत सिंह पंजवार की हत्या भी शामिल

इन संदिग्ध हत्याओं में लाहौर में खालिस्तानी आतंकवादी परमजीत सिंह पंजवार की हत्या भी शामिल थी। पंजवार की मई 2023 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। भारत सरकार ने 2020 में एक अधिसूचना जारी करते हुए सिंह को ‘व्यक्तिगत आतंकवादी’ घोषित किया था, जिसमें उस पर भारत में हमले करने के लिए हथियारों की ट्रेनिंग की व्यवस्था करने और हथियारों की आपूर्ति करने का आरोप लगाया गया था। अज्ञात हमलावर ने परमजीत को भी काम तमाम कर दिया था। परमजीत आईएसआई के लिए काम करता था। आईएसआई की तरफ से आतंकी की सुरक्षा मिली हुई थी।

 

 

 

 

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