LIC Policy Revival Scheme: एलआईसी की बंद पॉलिसी फिर से चालू करने की खास योजना, दो महीने के चलेगा विशेष अभियान

एलआईसी ने बंद पड़ी नॉन-लिंक्ड पॉलिसियों को फिर से चालू करने के लिए 1 जनवरी से 2 मार्च 2026 तक विशेष अभियान शुरू किया है। इसमें लेट फीस पर छूट और माइक्रो इंश्योरेंस पर पूरी राहत मिलेगी।

LIC Policy Revival Scheme: देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने पॉलिसीधारकों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। एलआईसी ने बंद हो चुकी व्यक्तिगत बीमा पॉलिसियों को फिर से चालू करने के लिए दो महीने का विशेष अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। यह अभियान उन लोगों के लिए खास तौर पर फायदेमंद साबित होगा, जो किसी वजह से समय पर प्रीमियम नहीं भर पाए थे।

एलआईसी के मुताबिक, यह विशेष अभियान 1 जनवरी से 2 मार्च 2026 तक चलेगा। इस दौरान पॉलिसीधारक अपनी बंद पड़ी नॉन-लिंक्ड बीमा पॉलिसियों को दोबारा चालू करा सकते हैं। कंपनी ने इस योजना के तहत विलंब शुल्क यानी लेट फीस में भी अच्छी-खासी छूट देने का फैसला किया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें।

लेट फीस में मिलेगी 30 प्रतिशत तक की छूट

एलआईसी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सभी रिवाइवल योग्य नॉन-लिंक्ड पॉलिसियों पर विलंब शुल्क में 30 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। यह छूट अधिकतम 5,000 रुपये तक सीमित होगी। यानी जिन पॉलिसीधारकों को लेट फीस के कारण पॉलिसी चालू कराने में परेशानी हो रही थी, उनके लिए अब यह काम आसान हो जाएगा। कंपनी का कहना है कि इस छूट का मकसद पॉलिसीधारकों को अपनी बीमा सुरक्षा दोबारा हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि भविष्य में उन्हें किसी तरह की वित्तीय परेशानी का सामना न करना पड़े।

सूक्ष्म बीमा पॉलिसियों को पूरी राहत

एलआईसी ने सूक्ष्म बीमा पॉलिसियों को लेकर और भी बड़ा फैसला लिया है। ऐसे पॉलिसीधारकों के लिए विलंब शुल्क पर 100 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। यानी माइक्रो इंश्योरेंस पॉलिसी रखने वाले लोगों को लेट फीस बिल्कुल नहीं देनी होगी और वे अपनी पॉलिसी दोबारा चालू करा सकेंगे। कंपनी का कहना है कि इसका उद्देश्य उन लोगों को फिर से जोखिम कवर देना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं और जिनके लिए बीमा सुरक्षा बेहद जरूरी होती है।

किन पॉलिसियों को मिलेगा लाभ

एलआईसी ने साफ किया है कि यह अभियान उन पॉलिसियों पर लागू होगा, जो प्रीमियम भुगतान की अवधि के दौरान बंद हो गई थीं और जिनकी मैच्योरिटी अभी पूरी नहीं हुई है। हालांकि, पॉलिसी को फिर से चालू कराने के लिए जरूरी मेडिकल या स्वास्थ्य संबंधी शर्तों में कोई छूट नहीं दी जाएगी। यानी जहां मेडिकल जांच जरूरी होगी, वहां पहले की तरह नियम लागू रहेंगे।

पॉलिसीधारकों के हित में लिया गया फैसला

एलआईसी का कहना है कि यह अभियान खास तौर पर उन पॉलिसीधारकों को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है, जो किसी मुश्किल परिस्थिति के कारण समय पर प्रीमियम नहीं भर पाए। कंपनी ने यह भी कहा कि बीमा का पूरा लाभ तभी मिलता है, जब पॉलिसी लगातार चालू रहे। ऐसे में यह योजना लोगों को दोबारा सुरक्षा कवच देने की दिशा में एक अहम कदम है।

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