Maulana Tauqeer Raza : इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां ने एक बार फिर अपने बयान से विवाद खड़ा कर दिया है। बरेली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने राणा सांगा को देश का गद्दार बताया, जबकि वीर सावरकर पर आरोप लगाया कि उन्होंने 60 रुपये महीने के लिए अंग्रेजों की गुलामी स्वीकार कर ली थी।
मोदी-योगी सरकार पर निशाना
मौलाना तौकीर ने देश की मौजूदा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हिंदुस्तान में मुसलमानों के खिलाफ जंग छेड़ दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकारें इस बात की प्रतिस्पर्धा कर रही हैं कि कौन मुसलमानों पर अधिक अत्याचार करेगा। तौकीर रजा ने ऐलान किया कि ईद के बाद वे संभल में धरना-प्रदर्शन करेंगे और यह तब तक जारी रहेगा, जब तक वहां के अधिकारियों को हटाया नहीं जाता।
‘राणा सांगा ने की गद्दारी‘
मौलाना तौकीर ने इतिहास पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बाबर खुद हिंदुस्तान नहीं आया था, बल्कि उसे राणा सांगा ने बुलाया था। उन्होंने दावा किया कि राणा सांगा ने बाबर को इब्राहिम लोदी के खिलाफ लड़ाई के लिए आमंत्रित किया, लेकिन बाद में वादा तोड़ दिया। इसी वजह से बाबर ने हमला किया। तौकीर रजा ने कहा, “अगर किसी ने देश से गद्दारी की, तो वह राणा सांगा था, बाबर नहीं।”
‘वीर सावरकर अंग्रेजों के थे वफादार ‘
मौलाना ने सावरकर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें एक महानायक के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जबकि उन्होंने अंग्रेजों से हाथ मिलाया था। तौकीर रजा के अनुसार, “वीर सावरकर अंग्रेजों की नौकरी करते थे और 60 रुपये महीने की तनख्वाह पर काम करते हुए उनकी चापलूसी किया करते थे।”
यह भी पढ़ें : जानिए कैसे लगा प्रगति की ‘Love Story’ पर ‘ग्रहण’, ऐसे पकड़े गए कातिल…
तौकीर रजा ने संभल के सीओ अनुज चौधरी को लेकर भी आपत्ति जताई और कहा कि उनकी वजह से पूरे देश का माहौल खराब हो रहा है। उन्होंने मांग की कि सीओ को तुरंत पद से हटाया जाए और उनके खिलाफ जांच होनी चाहिए।
ईद सादगी से मनाने का ऐलान
उन्होंने कहा कि इस बार ईद पर नए कपड़े नहीं पहने जाएंगे क्योंकि हमारे समुदाय के लोगों को झूठे आरोपों में जेल में डाला गया है और उन पर जुल्म किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “ईद खुशी का मौका है, लेकिन जब हमारे बच्चे मारे जा रहे हैं, तो हम कैसे जश्न मना सकते हैं?”
‘मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पूरी तरह नाकाम‘
मौलाना तौकीर रजा ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को भी कठघरे में खड़ा किया और कहा कि वह अपने कर्तव्यों का पालन नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि बोर्ड को जिन मुद्दों पर काम करना चाहिए था, उन पर उसने ध्यान नहीं दिया। इसी के साथ उन्होंने आरोप लगाया कि देश की अदालतें संविधान के खिलाफ फैसले सुना रही हैं और मुसलमानों के अधिकारों की अनदेखी कर रही हैं। तौकीर रजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना मुगलों से करते हुए कहा कि “अगर मुगलों ने गलत किया, तो वे बाहरी थे, लेकिन मोदी तो इस देश के हैं।
यह भी पढ़ें : जानिए कैसे लगा प्रगति की ‘Love Story’ पर ‘ग्रहण’, ऐसे पकड़े गए का…
फिर भी वह मस्जिदें तुड़वा रहे हैं और मुसलमानों पर जुल्म कर रहे हैं।” मौलाना तौकीर ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जीएसटी (GST) ठीक उसी तरह है, जैसे औरंगजेब का जजिया कर था। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश को गुलाम बनाने का काम कर रही है। मौलाना तौकीर रजा के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है। उनके इन बयानों की तीखी आलोचना भी हो रही है। अब देखना होगा कि सरकार और प्रशासन इस पर क्या कदम उठाते हैं।