Alcohol Price: मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन में आई बाधाओं का असर अब भारत के शराब और बीयर उद्योग पर दिखने लगा है। देश के दो बड़े उद्योग संगठनों ने राज्य सरकारों से शराब और बीयर की कीमतों में तुरंत लगभग 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की मांग की है। कंपनियों का कहना है कि लागत बढ़ने से बिना कीमत संशोधन के कारोबार चलाना मुश्किल हो रहा है।
प्रति केस बढ़ सकती है इतनी कीमत
Confederation of Indian Alcoholic Beverage Companies ने इंडियन मेड फॉरेन लिकर के दामों में प्रति केस 100 से 150 रुपये तक बढ़ाने की मांग की है। वहीं Brewers Association of India ने बीयर के प्रति केस 25 से 30 रुपये तक कीमत बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।
कच्चे तेल और प्लास्टिक महंगा, सप्लाई पर असर
मिडिल-ईस्ट संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से पैकेजिंग और ढुलाई खर्च काफी बढ़ गया है। बोतलों के ढक्कन में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के दाम फरवरी से अब तक 31 से 36 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं। एल्युमीनियम और कागज की कीमतों में भी तेज उछाल आया है, जिससे पैकेजिंग लागत बढ़ गई है।
सरकार के राजस्व पर भी पड़ सकता है असर
शराब और बीयर उद्योग हर साल सरकार को करीब 3.50 लाख करोड़ रुपये का राजस्व देता है। उद्योग संगठनों का कहना है कि कई राज्यों में कंपनियां घाटे में चल रही हैं और कीमतें नहीं बढ़ाई गईं तो उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
कांच की बोतलों का संकट बढ़ी चुनौती
फिरोजाबाद के ग्लास उद्योग को एलएनजी सप्लाई में कटौती के कारण कांच की बोतलों की कमी बढ़ गई है। सप्लायरों ने कांच की कीमतों में 12 प्रतिशत तक बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं। साथ ही कमर्शियल गैस सिलेंडर और कोयले की कीमतें बढ़ने से उत्पादन लागत और बढ़ गई है।

