Odisha Weavers: ओडिशा के दो बुनकरों ने रचा इतिहास, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिए राष्ट्रीय हस्तकरघा पुरस्का

राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस पर ओडिशा के राम मेहर और प्रफुल्ल कुमार साहू को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला। राम मेहर को संत कबीर हस्तकरघा पुरस्कार-2025 और प्रफुल्ल कुमार साहू को राष्ट्रीय हस्तकरघा पुरस्कार-2025 प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री मोहन माझी ने दोनों को बधाई देते हुए इसे ओडिशा के लिए गौरव की उपलब्धि बताया।

Odisha Weavers: राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस के अवसर पर ओडिशा के लिए गौरव का क्षण सामने आया है। राज्य के दो प्रतिभाशाली बुनकरों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय हस्तकरघा पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री मोहन माझी ने दोनों बुनकरों को बधाई देते हुए इसे पूरे ओडिशा के लिए गर्व का विषय बताया।

राष्ट्रपति ने बरगढ़ के राम मेहर को ‘संत कबीर हस्तकरघा पुरस्कार-2025’ और जगतसिंहपुर के प्रफुल्ल कुमार साहू को ‘राष्ट्रीय हस्तकरघा पुरस्कार-2025’ से सम्मानित किया।

CM मोहन माझी ने दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री मोहन माझी ने सोशल मीडिया के माध्यम से दोनों बुनकरों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राम मेहर और प्रफुल्ल कुमार साहू ने अपनी असाधारण शिल्पकला, मेहनत और रचनात्मकता के जरिए ओडिशा की समृद्ध हस्तकरघा परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान केवल दोनों बुनकरों की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि राज्य की पारंपरिक कला और संस्कृति के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

ओडिशा की हस्तकरघा परंपरा को मिली पहचान

ओडिशा अपनी पारंपरिक बुनाई और हस्तकरघा कला के लिए देशभर में जाना जाता है। यहां के बुनकर पीढ़ियों से पारंपरिक तकनीकों और डिजाइनों को संरक्षित करते आ रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर मिलने वाले ऐसे सम्मान इन कलाकारों के योगदान को पहचान देने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को भी इस विरासत से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं।

राम मेहर और प्रफुल्ल कुमार साहू को मिले सम्मान से राज्य के बुनकर समुदाय में भी उत्साह का माहौल है। माना जा रहा है कि यह उपलब्धि ओडिशा की हस्तकरघा कला को देश के साथ-साथ वैश्विक मंच पर आगे बढ़ाने में मदद करेगी।

अन्य शिल्पकारों के लिए बनेगी प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों बुनकरों का योगदान राज्य की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करने वाला है। उनकी मेहनत और रचनात्मकता अन्य शिल्पकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

Exit mobile version