Site icon News1India

विलय की अटकलों के बीच सुनेत्रा पवार के हाथ में पार्टी की कमान, क्या अब नेतृत्व और फैसले वही करेंगी

Future Direction of NCP: अब पार्टी के भविष्य से जुड़े अहम फैसले उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार लेंगी। पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी के दोनों धड़ों के विलय को लेकर बयानबाज़ी तेज हो गई है। अलग-अलग दावे और आरोप सामने आ रहे हैं, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने साफ किया है कि किसी भी बड़े फैसले को लेकर अधिकृत और व्यापक चर्चा नहीं हुई है। मौजूदा स्थिति में पार्टी एकजुटता और स्पष्ट दिशा पर जोर दे रही है।

विलय बैठक को लेकर स्थिति स्पष्ट

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि दोनों दलों के विलय को लेकर जो बैठक हुई थी, उसमें केवल कुछ चुनिंदा नेता ही शामिल थे। उनके अनुसार उस बैठक में अजित पवार, सांसद सुले, जयंत पवार और रोहित पवार मौजूद थे। यह भी बताया गया कि उस बैठक से जुड़ी घोषणा 12 तारीख को होनी थी। ऐसे में जो नेता बैठक में मौजूद नहीं थे, उन्हें अंदर की बातचीत की पूरी जानकारी होने का दावा करना सही नहीं है।

अलग-अलग दावों पर बढ़ी चर्चा

राकांपा (एसपी) से जुड़े कुछ नेताओं का कहना है कि अजित पवार ने अपने जीवनकाल में शरद पवार, जयंत पवार और अमोल कोल्हे के साथ विलय पर बातचीत की थी। हालांकि, इन दावों को अजित पवार गुट के नेताओं ने सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि ऐसी किसी बैठक या ठोस चर्चा की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

वरिष्ठ नेताओं की दो टूक

अजित पवार गुट के वरिष्ठ नेता सुनील शेलके ने इन सभी दावों को बेबुनियाद बताया है। वहीं, पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे और मंत्री छगन भुजबल ने भी साफ कहा है कि दोनों दलों के विलय पर कोई अधिकृत चर्चा नहीं हुई। विधायक अनिल पाटिल ने कहा कि अजित पवार ने कभी उनके साथ विलय को लेकर बात नहीं की। उनके अनुसार, अजित पवार ने जो भी सोचा या तय किया था, वह उनके निधन के साथ ही समाप्त हो गया।

अभी विलय पर चर्चा का समय नहीं

विधायक सुनील शेलके का कहना है कि फिलहाल विलय पर चर्चा करने का कोई औचित्य नहीं है। पार्टी को पहले स्थिरता और संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। माणिकराव कोकाटे और हीरामन खोसकर ने भी दोहराया कि सुनेत्रा पवार ही पार्टी की मुखिया हैं और आने वाले समय में वही सभी बड़े और अहम फैसले लेंगी। पार्टी नेताओं का मानना है कि स्पष्ट नेतृत्व के साथ आगे बढ़ना ही मौजूदा हालात में सही रास्ता है।

Exit mobile version