PM Meeting: विपक्ष के हंगामे के बीच, महिला आरक्षण पर NCP-SP की मोदी से मुलाकात, महाराष्ट्र की राजनीति गरमाई

NCP-SP के सांसद प्रधानमंत्री मोदी से महिला आरक्षण कानून को तत्काल लागू करने की मांग करेंगे। बैठक में महाराष्ट्र के पानी, किसान, शहरीकरण और FCRA विधेयक समेत छात्रों से जुड़े मुद्दे भी उठाए जाएंगे।

Women Reservation Law

Women Reservation : मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के लगातार हंगामे के बावजूद संसद में कई विधेयक बिना विस्तृत चर्चा के पारित हो गए। सरकार की कार्यसूची में सोमवार को भी चार विधेयक शामिल हैं। इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) यानी NCP-SP के आठ सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने वाले हैं। इस बैठक में महिला आरक्षण कानून को तत्काल लागू करने की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी। पार्टी की मांग है कि महिला आरक्षण को परिसीमन की प्रक्रिया से अलग रखा जाए, ताकि इसे जल्द से जल्द लागू किया जा सके। कांग्रेस ने भी इस मांग का समर्थन किया है।

महाराष्ट्र के मुद्दे भी उठेंगे

NCP-SP की सांसद सुप्रिया सुले के मुताबिक प्रधानमंत्री के साथ होने वाली बैठक में महाराष्ट्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा होगी। इनमें पानी की समस्या, किसानों की आत्महत्या, तेजी से बढ़ता शहरीकरण और उससे पैदा हो रही परेशानियां शामिल हैं। सुले ने कहा कि मुंबई पर लगातार दबाव बढ़ रहा है और शहर से जुड़ी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। पार्टी के सांसद केंद्र के सामने महाराष्ट्र से जुड़े इन मुद्दों को भी मजबूती से रखने की तैयारी में हैं।

महिला आरक्षण पर मतभेद

महिला आरक्षण कानून को लेकर NCP-SP के भीतर भी पूरी तरह एक राय नहीं दिखाई दे रही है। महाराष्ट्र बीजेपी की सांसद नवनीत राणा ने कहा कि अगर राज्य के हित में NCP-SP के सांसद प्रधानमंत्री से मिल रहे हैं तो यह स्वागत योग्य कदम है। वहीं NCP-SP के महाराष्ट्र अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने कहा कि यदि केंद्र सरकार भरोसा दिलाती है कि महिला आरक्षण का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए नहीं होगा, तो उनकी पार्टी इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। दूसरी ओर, विधायक रोहित पवार ने सभी सांसदों से संसद में इस विधेयक का विरोध करने की अपील की है।

विलय की चर्चा तेज

प्रधानमंत्री मोदी से NCP-SP सांसदों की मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग कयास भी लगाए जा रहे हैं। कुछ जानकार इस बैठक को NCP के दोनों गुटों के बीच संभावित विलय की चर्चाओं से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, इस मुलाकात का मुख्य घोषित एजेंडा महिला आरक्षण और महाराष्ट्र के मुद्दे हैं। ऐसे में राजनीतिक स्तर पर इस बैठक के नतीजे पर सभी की नजर बनी हुई है।

FCRA विधेयक पर विरोध

NCP-SP ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम यानी FCRA से जुड़े प्रस्तावित विधेयक के मौजूदा स्वरूप पर भी आपत्ति जताई है। पार्टी का कहना है कि इसे जल्दबाजी में पारित करने के बजाय वापस लिया जाना चाहिए। यदि सरकार इसे वापस नहीं लेती है तो विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति यानी JPC के पास भेजने की मांग की गई है। सुप्रिया सुले का तर्क है कि आतंकवाद या नशीले पदार्थों के लिए आने वाले धन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन गरीब बच्चों की शिक्षा या पोलियो वैक्सीन जैसे कामों के लिए आने वाले हर विदेशी फंड को संदेह की नजर से देखना उचित नहीं है।

छात्रों और किसानों पर नाराजगी

सुले ने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन से जुड़ी घटनाओं की पारदर्शी जांच की मांग भी की है। उन्होंने युवा प्रदर्शनकारियों के समर्थन में कहा कि नई पीढ़ी अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रही है। इसके अलावा महाराष्ट्र सरकार की ऋण माफी योजना से तकनीकी कारणों के चलते करीब 12 लाख किसानों के बाहर होने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। सुले ने सरकार पर आरोप लगाया कि चुनाव के समय योजनाओं को तेजी से लागू किया गया, लेकिन चुनाव के बाद किसानों के लिए जटिल नियम और शर्तें सामने आ गईं।

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