NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक पर NDA में उठे सवाल, किस सहयोगी सांसद ने कहा- युवाओं का आंदोलन सरकार के लिए चेतावनी

नीट-यूजी और पेपर लीक विवाद पर एनडीए सहयोगी एसकेएम सांसद ने सरकार को युवाओं के आंदोलन को गंभीरता से लेने की सलाह दी। वहीं लोकसभा ने लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 को सर्वसम्मति से पारित कर दिया।

NEET Paper Leak Debate: नीट-यूजी परीक्षा में कथित धांधली और लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर संसद में भी तीखी चर्चा देखने को मिली। ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर बहस के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी दल सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (SKM) के सांसद इंद्र हांग सुब्बा ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि युवाओं का विरोध सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है, जिसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उनके अनुसार, परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की जरूरत है।

मेधावी छात्रों की चिंता

लोकसभा में बोलते हुए इंद्र हांग सुब्बा ने कहा कि पेपर लीक अब केवल व्यक्तिगत स्तर की धोखाधड़ी नहीं रह गई है, बल्कि यह संगठित अपराध का रूप ले चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र लीक होने का सबसे बड़ा नुकसान उन मेहनती और प्रतिभाशाली छात्रों को होता है, जो सीमित संसाधनों में वर्षों तक तैयारी करते हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच तय समय-सीमा के भीतर पूरी की जाए, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके और छात्रों का भरोसा बहाल हो।

बेनीवाल ने भी सरकार को घेरा

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि देशभर में छात्रों के आंदोलन और जनदबाव के कारण ही सरकार को नया कानून लाना पड़ा। उन्होंने लोकसभा में बोलने के लिए कम समय मिलने पर नाराजगी जताई और कहा कि वह केवल प्रतीकात्मक विरोध के लिए जंतर-मंतर नहीं गए थे, बल्कि छात्रों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक लगातार लड़ते रहे हैं। उन्होंने आंदोलनकारी युवाओं की आवाज को गंभीरता से सुनने की जरूरत बताई।

लोकसभा से पास हुआ विधेयक

लंबी चर्चा और बहस के बाद लोकसभा ने ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। सरकार का कहना है कि नए कानून के जरिए पेपर लीक और परीक्षा में धांधली करने वाले गिरोहों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। संशोधित प्रावधानों में दोषियों के लिए कड़ी सजा और अधिक जुर्माने का प्रावधान किया गया है, ताकि परीक्षा माफिया पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट से होगी सुनवाई

संशोधित कानून के तहत परीक्षा से जुड़े अपराधों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें गठित की जाएंगी। इन अदालतों में मामलों का समयबद्ध निपटारा किया जाएगा, जिससे दोषियों को जल्द सजा मिल सके। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी, नकल माफियाओं पर अंकुश लगेगा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों का विश्वास दोबारा मजबूत होगा।

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