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भारत के इन राज्यों में जमीन नहीं खरीद सकते भारतीय, जानें क्या है इसके पीछे की वजह

Real State News : जीवन में हर व्यक्ति का सपना होता है कि वह खुद का घर बनाकर वहां रहे. कई बार खुद के गृहराज्य के अलावा दूसरे राज्य का मौसम और माहौल अपनी ओर आकर्षित करता है और हम वहां जमीन या घर बनाना चाहते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि भारत में ऐसी कुछ जगहें भी हैं, जहां पर आपको जमीन खरीदने की अनुमति नहीं है.

नागालैंड 

साल 1963 में राज्य बनने के साथ ही नागालैंड के विशेष अधिकार के रूप में आर्टिकल 371 ए का प्रावधान है, जिसके तहत वहां पर जमीन खरीदने की अनुमति नहीं है.

मेघालय

मेघालय प्रकृर्ति की खूबसूरती से घिरी हुआ है. मेघालय में पर्यटन के मुताबिक घूमने और रहने के लिए बहुत सारी जगह है. लेकिन संविधान के विशेष प्रावधान के तहत वहां पर भी बाहरी राज्यों के लोग जमीन नहीं खरीद सकते हैं.

मिजोरम 

मिजोरम में भी अनुच्छेद 371G के विशेष प्रावधान के मुताबिक प्रापर्टी की खरीद और ब्रिकी पर प्रतिबंध है. यहां पर बसने का मालिकाना हक सिर्फ वहां के आदिवासियों को है.

हिमाचल 

पहाड़ी इलाकों में घूमने जाना लगभग हर किसी का सपना होता है. क्योंकि पहाड़ों में जो शांति और सुकून मिलता है, वो कहीं नहीं मिलता है. इसी तरह हर साल लाखों लोग हिमाचल प्रदेश में भी घूमने जाते हैं, लेकिन यहां पर किसी को भी पहाड़ियों में संपत्ति खरीदने की अनुमति नहीं मिलती है। साल 1972 के भूमि कानून की धारा 118 के मुताबिक गैर-कृषक अथवा बाहरी निवासी हिमाचल प्रदेश में खेती वाली जमीन नहीं खरीद सकता है.

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मणिपुर

हर साल घूमने के लिए लोग मणिपुर भी जाना पसंद करते हैं. लेकिन वहां पर बाहरी लोगों को जमीन खरीदने पर रोक है. अनुच्छेद 371B के तहत सिर्फ मणिपुर के लोग जमीन खरीद और बेच सकते हैं.

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