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Operation Sindoor: नई डॉक्यूमेंट्री में सामने आई ऑपरेशन सिंदूर की कहानी, जाने किसने की थी हमला रोकने की अपील की

Operation Sindoor: डिस्कवरी चैनल पर इन दिनों ‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ नाम से एक नई डॉक्यूमेंट्री दिखाई जा रही है। इसमें भारत की ओर से 2025 में किए गए ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी कई अहम बातें सामने रखी गई हैं। डॉक्यूमेंट्री में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने उस समय की घटनाओं के बारे में जानकारी दी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने 6 और 7 मई 2025 की रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए थे। यह कार्रवाई पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद की गई थी।

पाकिस्तान के DGMO ने की हमले रोकने की अपील

डॉक्यूमेंट्री में भारत के पूर्व डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने उस समय की स्थिति के बारे में बताया। उनके अनुसार, पाकिस्तानी DGMO उनसे हॉटलाइन पर बात करना चाहते थे।

घई ने बताया कि बातचीत के दौरान पाकिस्तान की ओर से कहा गया कि भारत ने कई ब्रह्मोस मिसाइलें दागी हैं और अब दोनों देशों को इस संघर्ष को रोक देना चाहिए। इसके बाद सीजफायर को लेकर बातचीत आगे बढ़ी।

अजीत डोभाल ने भी बताया कि पाकिस्तान की तरफ से लगातार लड़ाई रोकने की अपील की जा रही थी। उनके मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से कहा गया कि काफी नुकसान हो चुका है और अब युद्ध रोकने का समय है। आखिरकार दोनों देशों के बीच संघर्ष रोकने पर सहमति बनी।

जयशंकर ने अमेरिका से भी साफ कहा था अपना रुख

डॉक्यूमेंट्री में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिका के तत्कालीन विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच हुई बातचीत का भी जिक्र है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने रुबियो से बात की थी।

इसके बाद रुबियो ने जयशंकर से संपर्क किया। जयशंकर ने साफ कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच इस मामले को दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के स्तर पर ही सीधे बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए।

पहलगाम हमले के बाद हुई थी सैन्य कार्रवाई

डॉक्यूमेंट्री के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद हुई। 26 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी।

इसके बाद भारत ने पाकिस्तान और PoK में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल हमले किए। भारतीय कार्रवाई का उद्देश्य आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश देना था।

आसमान में आमने-सामने आए दोनों देशों के लड़ाकू विमान

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच हवाई गतिविधियां भी तेज हुईं। भारतीय वायुसेना के पूर्व वाइस चीफ एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी ने डॉक्यूमेंट्री में बताया कि शुरुआती हमलों के बाद करीब 15 से 20 मिनट के भीतर दोनों देशों के 40 से 50 लड़ाकू विमान आसमान में थे।

दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान के तत्कालीन कमांडर-इन-चीफ एयर मार्शल नागेश कपूर ने बताया कि भारतीय सेना लगातार पाकिस्तान के विमानों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। उनका कहना था कि किसी भी पाकिस्तानी विमान को भारतीय सीमा में प्रवेश करने से रोकना प्राथमिकता थी।

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