Oracle Layoffs : किसने की भारत में बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी,आईटी सेक्टर में बढ़ी चिंता

ओरेकल ने भारत समेत दुनियाभर में हजारों कर्मचारियों की छंटनी की है। दूसरे दौर की भी आशंका है। मुआवजा दिया जा रहा है, लेकिन आईटी सेक्टर में नौकरी को लेकर अस्थिरता बढ़ गई है।

Oracle Layoffs Big Update: अमेरिका की बड़ी आईटी कंपनी Oracle Corporation ने भारत में बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। खबरों के मुताबिक, करीब 12,000 लोगों की नौकरी चली गई है। इतना ही नहीं, आने वाले एक महीने में छंटनी का दूसरा दौर शुरू होने की भी संभावना जताई जा रही है। इस खबर से आईटी सेक्टर में काम कर रहे लोगों के बीच डर और असमंजस बढ़ गया है।

वैश्विक स्तर पर असर

बताया जा रहा है कि यह छंटनी सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने दुनियाभर में करीब 30,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है। हालांकि, इस मामले में कंपनी की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे कर्मचारियों की चिंता और बढ़ गई है।

ईमेल के जरिए दी गई सूचना

छंटनी से प्रभावित कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें इस फैसले की जानकारी ईमेल के जरिए दी गई। कंपनी ने अपने संदेश में बताया कि संगठन में बदलाव किए जा रहे हैं और कुछ पद अब जरूरी नहीं रह गए हैं। इसी वजह से इन पदों को खत्म किया जा रहा है।

मुआवजा और सुविधाएं

कंपनी ने निकाले गए कर्मचारियों के लिए कुछ मुआवजे का ऐलान भी किया है। जिन लोगों ने एक साल से ज्यादा समय तक काम किया है, उन्हें 15 दिन का अतिरिक्त वेतन बोनस के रूप में दिया जाएगा। इसके अलावा, कर्मचारियों को एक महीने का वेतन, बची हुई छुट्टियों का पैसा और नियमों के अनुसार ग्रेच्युटी भी दी जाएगी। साथ ही, एक महीने के नोटिस पीरियड का भुगतान भी मिलेगा।

स्वेच्छा से इस्तीफा देने वालों के लिए ऑफर

कंपनी ने यह भी विकल्प दिया है कि जो कर्मचारी खुद से नौकरी छोड़ना चाहते हैं, उन्हें दो महीने का अतिरिक्त वेतन दिया जाएगा। कई लोग इसे एक सुरक्षित विकल्प के तौर पर देख रहे हैं, ताकि अचानक नौकरी जाने की स्थिति से बचा जा सके।

विदेश में काम कर रहे भारतीय भी प्रभावित

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस छंटनी का असर अमेरिका में काम कर रहे भारतीय कर्मचारियों पर भी पड़ा है। वहां के सख्त श्रम कानूनों की वजह से स्थानीय कर्मचारियों को ज्यादा सुरक्षा मिलती है, जिससे भारतीय कर्मचारियों को ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा है।

पहले भी उठ चुके सवाल

कुछ पूर्व कर्मचारियों ने कंपनी के काम करने के माहौल पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि लंबे समय तक काम करने का दबाव रहता है। एक कर्मचारी ने दावा किया कि उन्हें 16 घंटे काम करने का विरोध करने पर नौकरी से निकाल दिया गया था।

आईटी सेक्टर में बढ़ती अनिश्चितता

इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि आईटी सेक्टर में अब नौकरी की स्थिरता पहले जैसी नहीं रही। बड़ी कंपनियों की लगातार छंटनी से कर्मचारियों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। आने वाले समय में यह ट्रेंड और तेज हो सकता है।

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