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PAK पत्रकार की ‘रिवर्स स्विंग’ पर जयशंकर ने जड़ा ‘सिक्सर’, पड़ोसी मुल्क के PM का बड़ा दिया ‘ब्लडप्रेशर’

नई दिल्ली ऑनलाइन डेस्क।  भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ब्रिटेन दौरे पर हैं। वह ब्रिटेन के प्रधानमंत्री से मिले। इसके बाद विदेश मंत्री चैथम हाउस थिंक टैंक के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कश्मीर से लेकर डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों पर खुलकर बात की। जब विदेश मंत्री बोल रहे थे, तभी पाकिस्तानी पत्रकार ने उनसे कश्मीर को लेकर प्रश्न पूछा। जिस पर ऑन-बान और शान के साथ विदेश मंत्री ने ऐसा जवाब दिया, जिसकी गूंज पाकिस्तान में सुनाई दी। पड़ोसी मुल्क की सरकार के होश उड़ गए और आनन-फानन में वहां से प्रतिक्रिया भी आई।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, पाकिस्तान के एक पत्रकार ने जयशंकर से सवाल पूछते हुए कहा कि मैं लेखक और पत्रकार हूं और मैं आपको थोड़ा सा नर्वस करना चाहता हूं। भारत ने कश्मीर पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है जिस वजह से वे प्रोटेस्ट कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया में शांति लाने की बात करते हैं तो क्या नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपनी दोस्ती का इस्तेमाल कर कश्मीर मुद्दे को सुलझा सकते हैं। इस पर जयशंकर ने अपने अंदाज में जवाब दिया। विदेश मंत्री का जवाब सुनकर पाकिस्तानी पत्रकार की बोलती बंद हो गई और उसके ही देश के दूसरे पत्रकार हंस पड़े तो वहीं पाकिस्तान की सरकार हिल गई।

हमने उठाए 6 कदम

विदेश मंत्री ने पत्रकार के प्रश्न के जवाब में कहा कि हमने कश्मीर समस्या काफी हद तक सुलझा ली है। इस दिशा में जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाना पहला कदम था। इसके बाद कश्मीर में विकास और आर्थिक गतिविधि बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक न्याय को बहाल करना दूसरा कदम था। अच्छे मतदान प्रतिशत के साथ वोटिंग कराना तीसरा कदम था। पाकिस्तान द्वारा कश्मीर के चुराए गए हिस्से की वापसी चौथा कदम होगा। पाकिस्तान अवैध रूप से कश्मीर के जिस हिस्से पर कब्जा जमाकर बैठा है, वह हिस्सा वापस आ जाए तो कश्मीर की समस्या पूरी तरह से सुलझ जाएगी और ये पांचवां कदम होगा। पाकिस्तान ने भारत से जो हिस्सा (पीओके) चुराया है, अब उसकी वापसी का इंतजार है। उस हिस्से के भारत में शामिल होते ही जम्मू-कश्मीर में पूरी तरह से शांति स्थापित हो जाएगी और ये छठा कदम होगा।

एक बड़ा साझा उद्यम क्वाड है

विदेश मंत्री नेघाटी में शांति का फॉर्मूला बताते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांति बहाल करने की पूरी प्रक्रिया तीन चरणों में अपनाई गई। इसके अलावा जयशंकर ने अमेरिका की पॉलिसी पर बात करते हुए कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिकी प्रशासन बहुध्रुवीयता की तरफ बढ़ रहा है, जो भारत के हितों के लिए अच्छा है। दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते की जरूरत पर सहमत हुए हैं। अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के क्वाड गठबंधन का जिक्र करते हुए एस जयशंकर ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नजरिए से हमारे पास एक बड़ा साझा उद्यम क्वाड है, जो एक ऐसी समझ डेवलप करता है, जहां हर कोई अपना उचित हिस्सा देता है।

PAK विदेश मंत्रालय ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी

एस जयशंकर के बयान के बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने जयशंकर की इस टिप्पणी को खारिज कर दिया और भारत से कश्मीर के उस हिस्से को खाली करने को कहा, जिस पर उसने कब्जा कर रखा है। खान ने कहा, हम पांच मार्च को लंदन के चैथम हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत के विदेश मंत्री की ओर से की गई टिप्पणी को खारिज करते हैं। उन्होंने कहा, आजाद जम्मू-कश्मीर के बारे में बेबुनियाद दावे करने के बजाय भारत को पिछले 77 वर्षों से अपने कब्जे में रखे गए जम्मू-कश्मीर के एक बड़े क्षेत्र को खाली कर देना चाहिए।

 

 

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