Self-Reliant India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने भारत को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि देश को दूसरे देशों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी जरूरतों के लिए खुद सक्षम बनना होगा। उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास की रफ्तार तेज की है और अब देश को इसी गति को और आगे बढ़ाना है। पीएम मोदी ने विकसित भारत के लक्ष्य को 2047 तक हासिल करने का संकल्प भी दोहराया।
विकास की नई रफ्तार
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत अब कई क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आत्मनिर्भरता को केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं बताया, बल्कि ऊर्जा, तकनीक, महत्वपूर्ण खनिज, सेमीकंडक्टर और रणनीतिक क्षेत्रों में भी देश को मजबूत बनाने की जरूरत बताई। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को अपनी क्षमताओं और संसाधनों पर भरोसा करते हुए आगे बढ़ना होगा। उनका जोर इस बात पर रहा कि आने वाले वर्षों में देश की तरक्की की रफ्तार और तेज हो तथा इसका फायदा आम लोगों तक पहुंचे।
युवा शक्ति पर जोर
लाल किले से प्रधानमंत्री ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में युवाओं, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और प्रोफेशनल्स की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत को नई तकनीक और आधुनिक क्षेत्रों में अपनी क्षमता बढ़ानी होगी। इससे देश रोजगार, उत्पादन और नवाचार के क्षेत्र में भी मजबूत बनेगा। उन्होंने भविष्य की जरूरतों के मुताबिक भारत में ही तकनीक और उत्पादन क्षमता विकसित करने पर जोर दिया।
वंदे मातरम् की गूंज
इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक ऐतिहासिक बदलाव भी देखने को मिला। लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन हुआ। यह आयोजन राष्ट्रगीत की 150वीं वर्षगांठ से भी जुड़ा है। समारोह में मौजूद लोगों ने खड़े होकर वंदे मातरम् का गायन किया। इस पहल को स्वतंत्रता संग्राम की विरासत और राष्ट्रीय भावना से जोड़कर देखा गया।
विकसित भारत का लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को प्रमुखता दी। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए आत्मनिर्भरता जरूरी है। ऊर्जा सुरक्षा से लेकर तकनीकी क्षमता तक भारत को अपनी निर्भरता कम करनी होगी। पीएम मोदी ने देशवासियों से विकास की इस यात्रा में भागीदारी निभाने की अपील की। उनका संदेश साफ रहा कि आने वाले वर्षों में भारत को अपनी ताकत, तकनीक और संसाधनों के दम पर आगे बढ़ना है।
